Tuesday, July 27, 2021
Homeराजनीतिकलश में इकट्ठा जनता की समर्पण राशि से मोदी लड़ेंगे लोकसभा चुनाव, रचेंगे इतिहास!

कलश में इकट्ठा जनता की समर्पण राशि से मोदी लड़ेंगे लोकसभा चुनाव, रचेंगे इतिहास!

भारतीय राजनीति के इतिहास में शायद ऐसा पहली बार होने वाला है कि जनता की समर्पण राशि से पीएम पद का कोई नेता लोकसभा चुनाव लड़ेगा।

12 फरवरी से बीजेपी का ‘मेरा परिवार भाजपा परिवार’ अभियान शुरू होने वाला है। इसमें भाजपा के कार्यकर्ता, हर घर पार्टी का झण्डा लेकर जाएँगे और ‘मेरा परिवार भाजपा परिवार’ लिखा हुआ स्टीकर चिपकाकर इस अभियान को चलाएँगे।

इस अभियान के शुरू होने से एक दिन पहले पंडित दीनदयाल उपाध्याय की याद में बीजेपी 11 फरवरी को समर्पण दिवस मनाएगी। इस कार्यक्रम में कलश को लेकर कार्यकर्ता जनता के बीच जाएँगे और जनता से समर्पण राशि एकत्रित करेंगे। लोगों के घरों से इकट्ठा हुई इसी समर्पण राशि से पीएम मोदी 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ेंगे।

इन सब बातों की जानकारी भाजपा के लोकसभा चुनाव प्रभारी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने सोमवार (फरवरी 4, 2019) को दी। साथ ही उन्होंने बीजेपी जिला बूथ कार्य प्रमुखों, व प्रदेश प्रमुखों को बूथ क्षेत्र के घर-घर से संपर्क बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

नड्डा ने राजनीति को बूथ केन्द्रित राजनीति बताते हुए कहा कि सभी को बूथ वर्किंग से खुद को जोड़ना है। साथ ही नड्डा ने भाजपा के मुख्यालय में बूथ प्रमुखों को संबोधित करते हुए मोदी सरकार की योजनाएँ भी गिनाईं और 12 फरवरी से शुरू होने वाले ‘मेरा परिवार-भाजपा परिवार’ अभियान की सफलता के टिप्स भी दिए।

भारतीय राजनीति के इतिहास में शायद ऐसा पहली बार होने वाला है कि जनता की समर्पण राशि से पीएम पद का कोई नेता लोकसभा चुनाव लड़ेगा। इसके लिए नड्डा ने कार्यकर्ताओं को कहा है कि उन्हें अपनी क्षमता निर्धारित करते हुए बूथ से जुड़ना है। उन्होंने कहा कि पूरे बूथ की जानकारियाँ हासिल होने के साथ बूथ पर सतत संपर्क भी आवश्यक है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘अपनी मौत के लिए दानिश सिद्दीकी खुद जिम्मेदार, नहीं माँगेंगे माफ़ी, वो दुश्मन की टैंक पर था’: ‘दैनिक भास्कर’ से बोला तालिबान

तालिबान प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि दानिश सिद्दीकी का शव युद्धक्षेत्र में पड़ा था, जिसकी बाद में पहचान हुई तो रेडक्रॉस के हवाले किया गया।

विवाद की जड़ में अंग्रेज, हिंसा के पीछे बांग्लादेशी घुसपैठिए? असम-मिजोरम के बीच झड़प के बारे में जानें सब कुछ

असल में असम से ही कभी मिजोरम अलग हुआ था। तभी से दोनों राज्यों के बीच सीमा-विवाद चल रहा है। इस विवाद की जड़ें अंग्रेजों के काल में हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,381FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe