Wednesday, June 19, 2024
Homeराजनीतिपार्टी के व्यवहार से दुखी प्रियंका चतुर्वेदी ने कॉन्ग्रेस को गुंडों का साथ देने...

पार्टी के व्यवहार से दुखी प्रियंका चतुर्वेदी ने कॉन्ग्रेस को गुंडों का साथ देने वाला बताया

प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा कि उनकी पार्टी द्वारा मेहनती कार्यकर्ताओं की बजाय गुंडों को तरजीह दिए जाने से वह दुखी हैं। उन्होंने पार्टी के लिए हर तरफ से गालियाँ झेलीं पर यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पार्टी के भीतर ही उन्हें धमकाने वाले मामूली कार्रवाई के भी बिना बच निकलते हैं।

जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव आगे बढ़ रहे हैं, कॉन्ग्रेस पार्टी में अंतर्विरोध और असंतोष की खाई गहराती जा रही है। कद्दावर नेता शकील अहमद की बगावत, फायरब्रांड मोदी-विरोधी अल्पेश ठाकोर के इस्तीफ़े और सहयोगी मुख्यमंत्री कुमारास्वामी के बेटे की उम्मीदवारी के खिलाफ होने पर 7 नेताओं के निष्कासन जैसे मामलों से पार्टी पहले से ही जूझ रही थी। अब पार्टी के सबसे चर्चित मीडिया चेहरों में से एक प्रियंका चतुर्वेदी ने पार्टी के खिलाफ एक और मोर्चा खोल दिया है।

चतुर्वेदी से दुर्व्यवहार पर बच निकले पार्टी सदस्य, सिंधिया की सिफारिश  

राजनीति कवर करने वालीं पत्रकार विजय लक्ष्मी शर्मा ने कल रात कॉन्ग्रेस के आन्तरिक संवाद के एक पत्र को ट्वीट किया। उस पत्र में उत्तर प्रदेश कॉन्ग्रेस कमिटी के सदस्य श्री फजले मसूद पार्टी के कुछ सदस्यों को यह सूचित करते हैं कि श्रीमती चतुर्वेदी से दुर्व्यवहार समेत अनुशासन के उल्लंघन के मामले में उनपर की गई कार्रवाई को निरस्त किया जा रहा है।

मामला राफेल विवाद को लेकर मथुरा में कॉन्ग्रेस की पत्रकार वार्ता के दौरान का है।

कार्रवाई की संस्तुति और मामले की शिकायत प्रियंका चतुर्वदी ने की थी, और कार्रवाई निरस्त कॉन्ग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश के पार्टी प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया की सिफारिश पर की गई थी। आरोपियों में अधिकतर मथुरा के स्थानीय कॉन्ग्रेस नेता थे, पर दो बड़े नाम प्रदेश कॉन्ग्रेस कमिटी के सदस्य श्री अब्दुल जब्बार और महासचिव श्री उमेश पंडित के थे।

पत्र के ‘प्रतिलिपि’ खण्ड में देखा जा सकता है कि उक्त पत्र को कॉन्ग्रेस के उच्च स्तरीय सदस्यों ज्योतिरादित्य सिंधिया और एके एंटनी (कॉन्ग्रेस की अनुशासन समिति के अध्यक्ष) को भी प्रेषित किया गया था- यानि माफ़ी के इस निर्णय में केवल सिंधिया ही नहीं, कॉन्ग्रेस के पूरे ढाँचे की सहमति मानी जा सकती है।

चतुर्वेदी का क्षोभ

विजय लक्ष्मी शर्मा के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा कि उनकी पार्टी मेहनती कार्यकर्ताओं की बजाय गुंडों को तरजीह दिए जाने से वह दुखी हैं। उन्होंने पार्टी के लिए हर तरफ से गालियाँ झेलीं पर यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पार्टी के भीतर ही उन्हें धमकाने वाले मामूली कार्रवाई के भी बिना बच निकलते हैं।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

14 फसलों पर MSP की बढ़ोतरी, पवन ऊर्जा परियोजना, वाराणसी एयरपोर्ट का विस्तार, पालघर का पोर्ट होगा दुनिया के टॉप 10 में: मोदी कैबिनेट...

पालघर के वधावन पोर्ट की क्षमता अब 298 मिलियन टन यूनिट की जाएगी। इससे भारत-मिडिल ईस्ट कॉरिडोर भी मजबूत होगा। 9 कंटेनर टर्मिनल होंगे।

किताब से बहती नदी, शरीर से उड़ते फूल और खून बना दूध… नालंदा की तबाही का दोष हिन्दुओं को देने वाले वामपंथी इतिहासकारों का...

बख्तियार खिजली को क्लीन-चिट देने के लिए और बौद्धों को सनातन से अलग दिखाने के लिए वामपंथी इतिहासकारों ने नालंदा विश्वविद्यालय को तबाह किए जाने का दोष हिन्दुओं पर ही मढ़ दिया। इसके लिए उन्होंने तिब्बत की एक किताब का सहारा लिया, जो इस घटना के 500 साल बाद लिखी गई थी और जिसमें चमत्कार भरे पड़े थे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -