‘दिल्ली के लिए पूर्ण राज्य पर केजरीवाल की बातें खोखली’

"अगर केजरीवाल दिल्ली के लिए पूर्ण राज्य के दर्जे के विषय में गंभीर थे तो उन्हें 4 साल पहले यह मुद्दा उठाना चाहिए था। लेकिन, वह लोकसभा चुनाव को देखते हुए पूर्ण राज्य का मुद्दा उठा रहे हैं।"

दिल्ली के लिए पूर्ण राज्य की माँग को लेकर 1 मार्च से अरविंद केजरीवाल अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने वाले हैं। इसी मौक़े को आधार बनाते हुए दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित ने उन पर निशाना साधा है। उन्होंने केजरीवाल को लेकर टिप्पणी की है कि वह दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के मुद्दे पर केवल ‘खोखली बातें’ कर रहे हैं।

दिल्ली कॉन्ग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित ने कहा है कि केजरीवाल दिल्ली के लिए पूर्ण राज्य के दर्जे के बारे में केवल खोखली बातचीत कर रहे हैं। इन बयानबाजी से कुछ भी सामने आने वाला नहीं है।

शीला दीक्षित ने कहा कि सिर्फ संसद की कार्यवाही से ही दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाया जा सकता है और अभी कोई संसद सत्र तो है नहीं, तो वह ऐसा क्यों कर रहे हैं?

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पूर्व सीएम का मानना है कि अगर केजरीवाल दिल्ली के लिए पूर्ण राज्य के दर्जे के विषय में गंभीर थे तो उन्हें 4 साल पहले यह मुद्दा उठाना चाहिए था। लेकिन, वह लोकसभा चुनाव को देखते हुए पूर्ण राज्य का मुद्दा उठा रहे हैं।

अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए महरौली और बदरपुर इलाकों में कॉन्ग्रेस नेता शीला ने कहा कि दिल्ली के लोग मुख्यमंत्री केजरीवाल के खोखले वादों से तंग आ गए हैं।

साथ ही कॉन्ग्रेस नेता शीला दीक्षित ने इस बात को भी दोहराया कि वह लोकसभा के चुनावों में आम आदमी पार्टी से गठबंधन नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि केजरीवाल कॉन्ग्रेस के साथ गठबंधन की बात करते हुए लोगों को भ्रमित कर रहे हैं, लेकिन कॉन्ग्रेस अपने दम पर चुनाव लड़ेगी और जीतेगी भी।

बता दें कि इस हड़ताल पर केजरीवाल ने खुद एक ट्वीट भी किया है कि वह दिल्ली वालों का कर्ज कभी नहीं चुका सकते हैं। दिल्ली वालों के अधिकारों की लड़ाई को उन्होंने गर्व की बात बताते हुए कहा कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा पाने का अधिकार है और उसे यह मिलना ही चाहिए।


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कमलेश तिवारी की हत्या के बाद एक आम हिन्दू की तरह, आपकी तरह- मैं भी गुस्से में हूँ और व्यथित हूँ। समाधान तलाश रहा हूँ। मेरे 2 सुझाव हैं। अगर आप चाहते हैं कि इस गुस्से का हिन्दुओं के लिए कोई सकारात्मक नतीजा निकले, मेरे इन सुझावों को समझें।

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