Homeराजनीतिकर्नाटक सरकार पर सियासी संकट, दो निर्दलीय विधायकों ने समर्थन वापस लिया

कर्नाटक सरकार पर सियासी संकट, दो निर्दलीय विधायकों ने समर्थन वापस लिया

भाजपा के पास 104 विधायक हैं जो बहुमत से काफ़ी पीछे है। कॉन्ग्रेस-जेडीएस के पास अब 117 विधायक बचे हैं, जो कि बहुमत के आंकड़े से सिर्फ़ चार ज्यादा है।

कर्नाटक में नया सियासी संकट शुरू हो गया है। ताज़ा ख़बरों के अनुसार दो निर्दलीय विधायकों ने कॉन्ग्रेस-जेडीएस सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। बता दें कि राज्य में 224 सीटें हैं जिसमे से कॉंग्रेस के पास 80 और जेडीएस के पास 37 सीटें हैं। कुमारस्वामी की सरकार के पास दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन था। एच नागेश और आर शंकर नामक दो निर्दलीय विधायकों ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया है।

अभी हाल ही भाजपा ने कुमारस्वामी की सरकार पर उसके विधायकों को अपने पाले में करने के लिए प्रलोभन देने का आरोप लगाया था। इस आरोप के बाद भाजपा ने एहतियात के तौर पर अपने सौ विधायकों को दिल्ली बुला कर एक रेसॉर्ट में ठहराया है।

अब कर्नाटक का गणित और पेंचीदा होता जा रहा है। कुमारस्वामी सरकार में जल संसाधन मंत्री और कर्नाटक कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता डीके शिवकुमार ने भाजपा पर उनकी पार्टी के तीन विधायकों को बरगला कर मुंबई ले जाने का आरोप लगाया है। शिवकुमार ने कहा कि वो तीनों विधायक मुंबई में भाजपा नेताओं के साथ हैं। इस बारे में मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने आश्वस्त होकर कहा:

”वे मुझे बताकर गए हैं। चिंता की कोई बात नहीं है। हमारा कोई भी विधायक पाला नहीं बदलेगा। सभी तीन विधायक लगातार मेरे संपर्क में हैं। वे लोग मुझे बताने के बाद ही मुंबई गए हैं। मेरी सरकार को कोई खतरा नहीं है। मुझे पता है कि भाजपा किसके संपर्क में हैं और वे क्या ऑफ़र कर रहे हैं। मैं इससे निपट लूंगा। मीडिया को इसकी चिंता नहीं करनी चाहिए।”

कुमारस्वामी सरकार को प्रभावहीन बताते हुए विधायक आर शंकर ने कहा कि आज मकर संक्रांति का दिन है इसीलिए वो राज्य सरकार से अपना समर्थन वापस ले रहे हैं। वहीं समर्थन वापस लेने वाले दूसरे विधायक एच नागेश ने कहा कि उन्होंने भाजपा के साथ जाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व में बनने वाली सरकार इस गठबंधन सरकार से अच्छा प्रदर्शन करेगी।

बता दें कि बहुमत के लिए 113 विधायकों की जरूरत होती है। भाजपा के पास 104 विधायक हैं जो बहुमत से काफ़ी पीछे है। कॉन्ग्रेस-जेडीएस के पास अब 117 विधायक बचे हैं, जो कि बहुमत के आंकड़े से सिर्फ़ चार ज्यादा है। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा विधायक बीएस येदियुरप्पा ने कहा:

“हमने नहीं, बल्कि पहले उन्होंने (जेडीएस) पैसे और ताकत का इस्तेमाल करते हुए ख़रीद-फ़रोख़्त की शुरुआत की है। वे हमारे विधायकों से संपर्क करने की कोशिश में लगे हैं। कलबुर्गी सीट से हमारे एक विधायक को खुद कुमारस्वामी ने मंत्री पद का ऑफ़र दिया है।”

एक रिपोर्ट के अनुसार, कॉन्ग्रेस के 10 और जेडीएस के 3 विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं। बीजेपी की कोशिश है कि जल्दी ही ये 13 विधायक इस्तीफ़ा दे दें। मीडिया में ख़बर यह भी है कि अगर सब कुछ सही रहा तो बीजेपी कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार के ख़िलाफ़ अगले हफ़्ते अविश्वास प्रस्ताव भी ला सकती है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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