Thursday, August 5, 2021
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‘नए भारत के निर्माण में भारतीय प्रवासियों की भूमिका’ है 15वें ‘प्रवासी भारतीय दिवस’ के केंद्र में

पूर्व प्रधानमंत्री स्‍वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने 'प्रवासी भारतीय दिवस' मनाने का निर्णय लिया था। जिसके बाद पहले प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन 9 जनवरी, 2003 को नई दिल्‍ली में हुआ था।

भारत की आध्यात्मिक राजधानी कही जाने वाली वाराणसी में 15वें ‘प्रवासी भारतीय दिवस’ 2019 का विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी को इस कार्यक्रम में मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ के साथ यहाँ शिरकत करेंगे। 21 से 23 जनवरी 2019 तक चलने वाले इस कार्यक्रम का आयोजन पहली बार वाराणसी में किया जा रहा है। ‘प्रवासी भारतीय दिवस’ सम्‍मेलन 2019 का विषय है- नए भारत के निर्माण में भारतीय प्रवासियों की भूमिका।

मेहमानों के स्वागत को तैयार है वाराणसी

कार्यक्रम में भाग लेने वाले 400 से अधिक अप्रवासी भारतीय मेहमानों के स्वागत के लिए वाराणसी तैयार है। यहाँ के लोग ‘काशी अतिथि योजना’ के तहत अपने घरों में 1,500 से अधिक मेहमानों के ठहरने और देखभाल की मेज़बानी करेंगे। मेहमानों को घर का पकाया हुआ भोजन परोसा जाएगा। इसके अलावा वे स्थानीय लोगों के साथ पूरा दिन व्यतीत करने और पारम्परिक बनारसी दिनचर्या के भी साक्षी बनेंगे।

विभिन्न खेलों का हो रहा है आयोजन

कार्यक्रम को ज़्यादा से ज़्यादा लोकोन्मुखी और समावेशी बनाने के लिए यहाँ कई खेलों और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। 17 जनवरी से, कबड्डी, खो-खो, कुश्ती, जैसे पारंपरिक खेलों में क्रमशः ₹51,000, ₹25,000, ₹10,000 के नकद पुरस्कारों के साथ प्रतियोगिताएँ आयोजित की जा रही हैं।

अटल जी ने लिया था ‘प्रवासी भारतीय दिवस’ मनाने का निर्णय

पूर्व प्रधानमंत्री स्‍वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने ‘प्रवासी भारतीय दिवस’ मनाने का निर्णय लिया था। जिसके बाद पहले प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन 9 जनवरी, 2003 को नई दिल्‍ली में हुआ था। ‘प्रवासी भारतीय दिवस’ के आयोजन के लिए 9 जनवरी का दिन इसलिए चुना गया था, क्‍योंकि वर्ष 1915 में इसी दिन महात्‍मा गाँधी दक्षिण अफ्रीका से भारत वापस आए थे।

बता दें कि अब ‘प्रवासी भारतीय दिवस’ का आयोजन हर दो साल में एक बार किया जाता है। यह आयोजन विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय को सरकार के साथ काम करने और अपनी जड़ो से दोबारा जुड़ने का मंच उपलब्‍ध कराता है। सम्‍मेलन के दौरान भारत और विदेश दोनों में विभिन्‍न क्षेत्रों में महत्‍वपूर्ण योगदान देने वाले चुने गए भारतीय प्रवासियों को प्रवासी भारतीय सम्‍मान प्रदान किए जाते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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