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बेंगलुरु दंगों में भारी हिंसा पर उतारू कट्टरपंथी भीड़ के कई भयावह वीडियो इंटरनेट पर वायरल

बेंगलुरु के दंगों के कुछ घंटों बाद, सोशल मीडिया यूजर्स ने हिंसक झड़पों की भयावह तस्वीरें और वीडियो शेयर किए, जिसमें आक्रोशित भीड़ को 'अल्लाह-हो-अकबर' और 'नारा-ए-तकबीर' जैसे इस्लामी नारे लगाते देखा गया। उन्हें शहर की सड़कों पर उग्र प्रदर्शन करते हुए आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं में लिप्त पाया गया।

कॉन्ग्रेस विधायक श्रीनिवास मूर्ति के भतीजे नवीन द्वारा सोशल मीडिया पर पैगम्बर मुहम्मद को लेकर कथित अपमानजनक पोस्ट शेयर करने के तुरंत बाद मंगलवार (अगस्त 12, 2020) रात बेंगलुरु से भीड़ हिंसा की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई।

पुलकेशिनगर में हिंसा के बाद, बेंगलुरु में धारा 144 लगाई गई है, जबकि केजी हल्ली पुलिस थानों की सीमाओं में कर्फ्यू लगा दिया गया है। इस झड़प में कम से कम तीन लोगों की जान चली गई है और कई लोग घायल हो गए हैं।

बेंगलुरु के दंगों के कुछ घंटों बाद, सोशल मीडिया यूजर्स ने हिंसक झड़पों की भयावह तस्वीरें और वीडियो शेयर किए, जिसमें आक्रोशित भीड़ को ‘अल्लाह-हो-अकबर’ और ‘नारा-ए-तकबीर’ जैसे इस्लामी नारे लगाते देखा गया। उन्हें शहर की सड़कों पर उग्र प्रदर्शन करते हुए आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं में लिप्त पाया गया।

बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने कल का एक वीडियो शेयर किया, जिसकी तुलना पिछले साल दिसंबर माह में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुए सीएए विरोधी दंगों से की गई।

वैज्ञानिक आनंद रंगनाथन द्वारा शेयर किए गए एक और भयानक वीडियो में, बेंगलुरु की सड़कों पर एक कार को जलते हुए देखा गया था।

बेंगलुरु के एक पुलिस स्टेशन के बाहर के दृश्यों को देख कर साफ पता चलता है कि कैसे संप्रदाय विशेष की उग्र भीड़ ने पुलिस वैन और संपत्ति को नुकसान पहुँचाते हुए अंधाधुंध पथराव किया था।

फेसबुक पर शेयर किए गए वीडियो में अनियंत्रित भीड़ को कार को पलटते हुए देखा जा सकता है।

सोशल मीडिया पर कई ऐसी तस्वीरें शेयर की गईं, जिनमें बेंगलुरु में हिंसा प्रभावित इलाकों की सुनसान सड़कों पर टूटी हुई चारदीवारी, टूटी हुई खिड़कियों से काँच, पत्थर और ईंटें बिखरी हुई दिखाई दीं।

कॉन्ग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के घर कवाल बिसरांड्रा में, जिस पर मंगलवार (अगस्त 11, 2020) की रात संप्रदाय विशेष की भीड़ ने हमला किया था।

पिछली रात को हमला होने के बाद कॉन्ग्रेस विधायक का घर पूरी तरह से जल गया था।

गौरतलब है कि बेंगलुरु में संप्रदाय विशेष की भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर हमले को उसी तरह से अंजाम दिया है, जिस तरह से उनके ही समुदाय के लोगों ने दिल्ली के हिंदू-विरोधी दिल्ली दंगों के दौरान हिंसा को अंजाम दिया था, जिसमें पुलिस कांस्टेबल रतन लाल की हत्या हुई थी और IPS अधिकारी अमित शर्मा और IPS अनुज कुमार पर जानलेवा हमले हुए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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