Thursday, June 30, 2022
Homeसोशल ट्रेंडदिल्ली में तेज आँधी-बारिश से जामा मस्जिद के गुंबद को पहुँचा भारी नुकसान, सोशल...

दिल्ली में तेज आँधी-बारिश से जामा मस्जिद के गुंबद को पहुँचा भारी नुकसान, सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे- ‘अल्लाह रहम फरमाए’

"अभी थोड़ी देर पहले दिल्ली में आए आँधी तूफान में दिल्ली की शाही जामा मस्जिद के मेन गुम्बद का हिस्सा टूट कर गिर गया। अल्लाह रहम फरमाए।"

दिल्ली-एनसीआर में सोमवार (30 मई 2022) को भारी बारिश के बाद मौसम का मिजाज बदल गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं, कई जगहों पर तेज हवाओं के कारण कई पेड़ टूट गए और इमारतों को भी काफी नुकसान पहुँचा है। दिल्ली में हुई झमाझम बारिश के बाद जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। सड़कों पर पानी भरा हुआ है और यातायात प्रभावित हो रहा है। इसी बीच सोशल मीडिया पर दिल्ली की जामा मस्जिद की तस्वीरें वायरल हो रही हैं। ये तस्वीर जामा मस्जिद के सबसे बड़े गुंबद के बुर्ज की है, जो तेज आँधी और बारिश के कारण गिर गया है। बुर्ज के गिरने से 2 से 3 लोग घायल हो गए हैं।

सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स दुआएँ माँग रहे हैं कि सब कुछ ठीक हो जाए। ट्विटर पर राशिद लिखते हैं, “अभी थोड़ी देर पहले दिल्ली में आए आँधी तूफान में दिल्ली की शाही जामा मस्जिद के मेन गुम्बद का हिस्सा टूट कर गिर गया। अल्लाह रहम फरमाए।”

वहीं, कुछ यूजर्स इस पर फिरकी भी ले रहे हैं। आलोक लिखते हैं कि दिल्ली की जामा मस्जिद खुद ही टूटकर गिरने लगी है।

दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने कहा कि मस्जिद के बीच के गुम्बद का ऊपरी हिस्सा 3 भागों में टूट गया है। 2 नीचे गिरे हैं और एक अभी भी अटका हुआ है। अगर उसे नीचे नहीं लाया गया और वह गिर गया, तो यह उसके सामने की दीवार को नुकसान पहुँचाएगा। क्षतिग्रस्त हिस्से को नीचे लाने के लिए एएसआई डीजी को लिख रहा हूँ।

दरअसल, यह पहली बार नहीं जब जामा मस्जिद को इस तरह का नुकसान पहुँचा है। इससे पहले भी कई बार कुछ चीजें टूटी हैं, जिसके बाद जामा मस्जिद की मरम्मत कराने की भी माँग उठी थी।

गौरतलब है कि पिछले साल जून में जामा मस्जिद की मीनार से पत्थर का एक बड़ा टुकड़ा गिर गया था। पत्थर मस्जिद परिसर में गिरा और फर्श में धंस गया। उस दौरान लॉकडाउन की वजह से जामा मस्जिद में भीड़-भाड़ नहीं थी, इसलिए किसी को क्षति नहीं पहुँची थी। जामा मस्जिद के नायब इमाम सैयद शाबान बुखारी ने बताया था कि मस्जिद करीब 375 साल पुरानी है। इसके संरक्षण की सख्त जरूरत है। सिर्फ मीनार ही नहीं, बल्कि पूरी मस्जिद को बचाने के लिए एएसआई को काम करने की जरूरत है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बनेंगे, नहीं थी किसी को कल्पना’: राजनीति के धुरंधर एनसीपी चीफ शरद पवार भी खा गए गच्चा, कहा- उम्मीद थी वो...

शरद पवार ने कहा कि किसी को भी इस बात की कल्पना नहीं थी कि एकनाथ शिंदे को महाराष्ट्र का सीएम बना दिया जाएगा।

आँखों के सामने बच्चों को खोने के बाद राजनीति से मोहभंग, RSS से लगाव: ऑटो चलाने से महाराष्ट्र के CM बनने तक शिंदे का...

साल में 2000 में दो बच्चों की मौत के बाद एकनाथ शिंदे का राजनीति से मोहभंग हुआ। बाद में आनंद दिघे उन्हें वापस राजनीति में लाए।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
201,188FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe