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‘खालिस्तान ओलंपिक टीम’ ने जारी किया अपना बैनर-पोस्टर: सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर उड़ाया मजाक

भारत की केंद्र सरकार के अनुरोध पर इस समूह के शुरुआती ट्विटर अकाउंट को भारत में ब्लॉक कर दिया गया था। यही सीएसवाईए गणतंत्र दिवस के दंगों के दौरान तोड़फोड़ और अराजकता में सबसे आगे था, जिसमें खालिस्तानियों की प्रमुख भूमिका नजर आई थी।

इंटरनेट पर एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें लड़कों के एक छोटे समूह को ‘खालिस्तान ओलंपिक टीम’ का बैनर पकड़े देखा जा सकता है। इस तस्वीर का लोगों ने सोशल मीडिया पर खूब मजाक बनाया है। इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी से हमें पता चला कि इसे ‘कैलिफोर्निया सिख यूथ अलायंस’ नाम के एक ग्रुप ने बनाया है।

उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर भी बैनर का एक क्रॉप्ड वर्जन शेयर किया है। उनके अनुसार, वे अपने वार्षिक ‘सिख पावरलिफ्टिंग टूर्नामेंट’ में ऐसा बैनर वितरित करते हैं।

उनकी वेबसाइट के अनुसार, “कैलिफ़ोर्निया सिख यूथ एलायंस युवा सिखों का एक समूह है जो स्वयंसेवी अवसरों, मनोरंजन और सामुदायिक सेवा के माध्यम से लोगों से जुड़ने का प्रयास करता है। कैलिफ़ोर्निया सिख यूथ अलायंस का दावा है कि रचनात्मक खेल और मनोरंजन कार्यक्रमों के माध्यम से वे सिंह और कौर को बढ़ावा देने का काम करते हैं।”

इसमें आगे कहा गया है, “सीएसवाईए मूल रूप से दुनिया भर में सिख एथलीटों के लिए सिख धर्म पर आधारित मनोरंजक स्थान प्रदान करने में विश्वास करता है। सीएसवाईए ने सैकड़ों युवा सिंह और कौर को खेल और अन्य सामुदायिक निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से जोड़ा है।”

वेबसाइट में यह भी कहा गया है, “सीएसवाईए सीएसवाईए सेवादारों से बना है जो पूरे कैलिफोर्निया में इवेंट्स और चर्चाओं के आयोजन में मदद करते हैं। CSYA एंबेसडर ऐसे व्यक्ति होते हैं जो शीर्ष कंटेंट निर्माता और कलाकार होते हैं जो खेल और एथलेटिक्स के अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं।” ‘खालिस्तान ओलंपिक टीम’ का बैनर उनकी वेबसाइट पर प्रमुखता से दिखाई देता है।

समूह का आगे कहना है, “सीएसवाईए का लक्ष्य ऐसे प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है जिसमें युवा सिख अपनी महत्वाकांक्षाओं पर विजय प्राप्त कर सकें। सेवादारों को एक ऐसा वातावरण तैयार करने की उम्मीद है जहाँ कैलिफोर्निया के सिख एक साथ आ सकें और अपने समुदाय के साथ जश्न मना सकें। फंड रेजिंग, नेटवर्किंग, और युवा सिंह और कौर के बीच मेल-जोल की सुविधा हमारे कैलिफोर्निया समुदाय को दिन-ब-दिन मजबूत बनाती जा रही है।”

बता दें कि भारत की केंद्र सरकार के अनुरोध पर इस समूह के शुरुआती ट्विटर अकाउंट को भारत में ब्लॉक कर दिया गया था। यही सीएसवाईए गणतंत्र दिवस के दंगों के दौरान तोड़फोड़ और अराजकता में सबसे आगे था, जिसमें खालिस्तानियों की प्रमुख भूमिका नजर आई थी। इस मौके पर उन्होंने मिठाइयाँ बाँटकर जश्न भी मनाया था।

समूह ने महात्मा गाँधी की प्रतिमा के साथ हुई बर्बरता की तस्वीरें भी साझा की थीं, जो उसका भी जश्न मना रही थी। CYSA के सदस्यों ने भी गाँधी प्रतिमा की स्थापना का विरोध किया था। सीवाईएसए ने यह भी कहा कि वे प्रतिमा की पुन: स्थापना के खिलाफ पैरवी करेंगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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