हेडलाइन में सिख को मुस्लिम बताकर NDTV ने फिर किया पाठकों को गुमराह

हरजिंदर की शिकायत के बाद एनडीटीवी ने इस खबर से उन दो सिखों की तस्वीर को ही क्रॉप कर दिया, जो पहले तस्वीर में दिखाई दे रहे थे, लेकिन इन्होंने अपनी हेडलाइन में कोई सुधार नहीं किया, क्योंकि उसमें संदेश जा रहा था कि एक मुस्लिम शख्स ने गणपति की मूर्ति बनाई।

सौहार्द के नाम पर अपने पाठकों को अक्सर एक पक्ष दिखाकर गुमराह करने वाले NDTV ने इस बार सिख भावना को ठेस पहुँचाया है। दरअसल, गणेश चतुर्थी के अवसर पर एनडीटीवी ने अपने पोर्टल पर आज एक खबर प्रकाशित की। जिसमें हेडलाइन दी गई, “लुधियाना में मुस्लिम कलाकार ने बल्जियन चॉक्लेट से 106 किलो की गणेश प्रतिमा बनाई।” लेकिन इस खबर की फीचर इमेज में उन्होंने दो सिखों की तस्वीरें लगाई जो गणपति की प्रतिमा के साथ खड़े थे।

हालाँकि, इस खबर की बॉडी में इस बात का विशेष रूप से जिक्र किया गया कि ये प्रतिमा एक मुस्लिम ने सिख बेकरी के मालिक की देखरेख में बनाई हैं। लेकिन हेडलाइन में इसका कोई उल्लेख नहीं था और न ही तस्वीर में किसी मुस्लिम का चेहरा था। तो फिर हेडलाइन और तस्वीर में क्या ताल-मेल?

अब इससे पहले एनडीटीवी पर आप, हम या कोई अन्य पाठक सवाल उठाता, खुद उस शख्स ने जिसकी तस्वीर NDTV ने छापी थी, इस मामले पर संज्ञान ले लिया। हरजिंदर सिंह कुकरेजा नाम के व्यक्ति ने अपने ट्वीटर पर इस खबर को शेयर करते हुए बड़े ही सम्मान से लिखा, “प्रिय NDTV, ये शीर्षक गुमराह करने वाला है और तस्वीर से मेल नहीं खाता। हमें मुस्लिमों से प्यार है लेकिन जो नीचे तस्वीर में पगड़ी पहनकर आदमी खड़ा है वो मैं हूँ और मैं एक सिख हूँ। तुमने बहुत बड़े स्तर पर सिखों और उनकी पगड़ी की जहालत की हैं। कृपा करके अब इस तस्वीर को हटाएँ और इस खबर का भी शीर्षक ठीक करें। “

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अब किसी की शिकायत के बाद अपनी भूल को सुधारना एक आम प्रक्रिया है, लेकिन एनडीटीवी अपने प्रोपगेंडा को फैलाने में इतना व्यक्त है कि उसने इस ट्वीट पर नजर तो डाली लेकिन जो सुधार किया, वो इनकी गलती से भी ज्यादा शर्मसार करने वाला था।

दरअसल, हरजिंदर की शिकायत के बाद एनडीटीवी ने इस खबर से उन दो सिखों की तस्वीर को ही क्रॉप कर दिया, जो पहले तस्वीर में दिखाई दे रहे थे, लेकिन इन्होंने अपनी हेडलाइन में कोई सुधार नहीं किया, क्योंकि उसमें संदेश जा रहा था कि एक मुस्लिम शख्स ने गणपति की मूर्ति बनाई।

अब सवाल उठता है कि क्या एक पक्ष को दिखाने वाला ये मीडिया संस्थान इतना भी नहीं जानता कि देश में सिखों का पहनावा केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व उनका परिचय हैं या फिर इस संस्थान ने अपनी पॉलिसी बना ली है कि खबर कुछ भी हो, लेकिन एँगल सिर्फ़ समुदाय विशेष से संबंधित ही जाएगा।

ट्विटर पर इस हरकत पर लोग एनडीटीवी की थू-थू कर रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि पल्लव बागला की ओछी हरकत से भटकाने के लिए ये तरीका संस्थान ने अपनाया है तो किसी का मानना है कि इस संस्थान की मंशा में ही खोट हैं, इसे भारत में बंद कर दिया जाना चाहिए। लोग इस संस्थान के बहिष्कार की बात करने के साथ खुलकर इल्जाम लगा रहे हैं कि इन्होंने इस स्टोरी को घुमा फिराकर पेश किया है। ये जोर देकर बता रहे हैं कि सिख बेकरी का मालिक है जबकि जिसने प्रतिमा बनाई वो एक मुस्लिम है।

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