Homeसोशल ट्रेंडशाहरुख खान के गणपति बप्पा मोरया कहने पर 'शांतिदूतों' नाराज

शाहरुख खान के गणपति बप्पा मोरया कहने पर ‘शांतिदूतों’ नाराज

"ये बहुत शर्मनाक है कि एक मु#म को एक बुत की पूजा करते देखना, जिसे खुद इंसान ने बनाया हैं। शर्म आनी चाहिए।" इस दौरान कुछ लोगों ने शाहरुख को गाली भी दी और उन्हें अनफॉलो करने की बात करने लगे।

बीती रात बॉलीवुड के किंग खान ने अपने इंस्टाग्राम पर गणपति की तस्वीरें शेयर करते हुए गणपति विसर्जन पर सबको शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने लिखा- पूजा हो गई, विसर्जन हो गया, गणपति बप्पा मोरया!! दुनिया की अपार खुशियाँ हर घर और परिवार में जाएँ।

हालाँकि, उनके शुभकामना देने के तरीके को देखकर साफ़ था कि वो इस पर्व पर बहुत खुश हैं, लेकिन शायद उनकी ये खुशी कुछ कट्टरपंथियों से देखी नहीं गई। उन्होंने तुरंत शाहरुख के पोस्ट पर मजहब के नाम पर पोस्ट डालने शुरू कर दिए।

शाहरुख के इंस्टाग्राम पर फोटो

किसी ने उन्हें लिखा, “मैं आपसे प्यार करता हूँ, लेकिन ये सब क्यों? सच में, मैं आपके लिए दुखी हूँ।” एक टीनीअब्बसी नाम के अकॉउंट से तो शाहरुख को ये कहा गया, “मुझे यकीन नहीं हैं, इन्हें गैर मुलसमान से ज्यादा हिदाया (मार्गदर्शन) की जरूरत है।” इस दौरान उन्हें समझाया भी गया, “जिंदगी बहुत छोटी है…और याद रखो, बिन अल्लाह तुम कुछ भी नहीं।”

कट्टरपंथियों ने उनसे कमेंट में ये भी पूछा कि क्या वो सिर्फ़ नाम के ही हैं। उन्हें गणपति को पूजने के लिए कहा, “ये बहुत शर्मनाक है कि एक मु##म को एक बुत की पूजा करते देखना, जिसे खुद इंसान ने बनाया हैं। शर्म आनी चाहिए।” इस दौरान कुछ लोगों ने शाहरुख को गाली भी दी और उन्हें अनफॉलो करने की बात करने लगे।

खैर, किसी देवी-देवता की पूजा करते हुए देखना इस्लामिक कट्टरपंथियों को हमेशा से अखरा है। सिर्फ़ शाहरुख खान ही नहीं, इन नफरत भरी टिप्पणियों का कई नामी लोग शिकार हुए हैं।

बीते दिनों सारा अली खान को भी सोशल मीडिया पर ऐसी टिप्पणियों को झेलना पड़ा था, जब उन्होंने गणेश चतुर्थी पर गणपति के साथ अपनी तस्वीर सोशल मीडिया पर डाल दी थी। इसके अलावा पिछले साल भी खुद शाहरुख को इसी तरह शुभकामनाएँ देने पर ट्रोल किया गया था। फेसबुक पर नुसरत जहाँ का दुर्गापूजा में शामिल होना अनुचित बताया गया था और मोहम्मद कैफ को क्रिसमस मनाने पर ट्रोल किया गया था और क्रिकेटर इरफान पठान को भी कट्टरपंथियों ने बताया था कि रक्षा बंधन इस्लाम के ख़िलाफ़ है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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