Wednesday, December 1, 2021
Homeसोशल ट्रेंडटिड्डियों के हमले को जायरा वसीम ने बताया अल्लाह का कहर, सोशल मीडिया पर...

टिड्डियों के हमले को जायरा वसीम ने बताया अल्लाह का कहर, सोशल मीडिया पर यूजर्स ने ली क्लास

बता दें कि पिछले हफ्ते से देश के उत्तरी भाग में टिड्डियों के कारण किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उनकी फसलें बर्बाद हो रही है। ऐसे समय में जायरा वसीम के ऐसे ट्वीट को देखकर नेटिजन्स खासे नाराज दिखे।

इस्लाम का हवाला देकर एक्टिंग को अलविदा कहने वाली जायरा वसीम ने देश में टिड्डियों के हमले को घमंडी लोगों पर अल्लाह का कहर बताया है। सोशल मीडिया पर जायरा ने बुधवार को यह बात लिखी।

जायरा ने लिखा, “इसलिए हमने उन पर बाढ़ भेजे, और टिड्डे भेजे, और भेजे जूएँ-चीलड़, और मेंढक भेजे, खून भेजा: ये वैसी चेतावनियाँ हैं जो स्वविश्लेषित हैं: लेकिन वो सब अपने अज्ञान में गहरे डूबे हुए थे- वैसे लोग जो पापी हैं।”

बता दें कि पिछले हफ्ते से देश के उत्तरी भाग में टिड्डियों के कारण किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उनकी फसलें बर्बाद हो रही है। ऐसे समय में जायरा वसीम के ऐसे ट्वीट को देखकर नेटिजन्स खासे नाराज दिखे।

ट्विटर पर अधिकतर नेटिजन्स ने जायरा वसीम को उनकी इस टिप्पणी पर आड़े हाथों लिया। लोगों ने प्रश्न उठाया कि जब इन टिड्डियों के कारण लाखों किसान परेशान हैं और उनकी फसल खराब हो रही है, उस समय इस ट्वीट का क्या मतलब?

यूजर्स ने जायरा से पूछा से कि वह इतनी कट्टर मजहबी कैसे हो सकती हैं कि टिड्डों के हमलों से परेशान किसानों के लिए इतनी नफरत दिखाएँ।

इसके अलावा कुछ यूजर्स ने गैर वैज्ञानिक ट्वीट के लिए जायरा का मजाक भी उड़ाया। लोगों ने जायरा पर तंज कसते हुए कहा कि ट्वीट करना इस्लाम में हराम है।

उल्लेखनीय है कि भारत से पहले पूर्वी अफ्रीका और पाकिस्तान में टिड्डियों का कहर बरपा था। सिंध के कई इलाकों समेत कराची में इनके कारण लोगों को पिछले साल नवंबर से काफी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। इसके बाद इन टिड्डों ने फरवरी में गुजरात के कुछ इलाकों पर हमला बोला। बाद में ये मध्यप्रदेश व राजस्थान में भी पहुँचे।

ऐसे में ये समझना मुश्किल है कि पूर्व एक्ट्रेस द्वारा इस मामले पर ऐसी टिप्पणी, जिसमें टिड्डियों के आक्रमण को वह इस्लामिक कहर बता रही है, वह किन घमंडी लोगों पर निशाना साध रही हैं।

बता दें, 19 साल की पूर्व एक्ट्रेस ने एक्टिंग करियर को अलविदा कहने से पहले 3 फिल्में की। किंतु, इन फिल्मों के बाद एक दिन सोशल मीडिया पर उन्होंने एक्टिंग को छोड़ने का फैसला सुनाया और इसके पीछे का कारण इस्लाम को बताया। इसके बाद कश्मीर के मुद्दे पर गलत जानकारी देकर अपने फॉलोवर्स को बरगलाया। साथ ही एक दिन अपने प्रशंसकों से ये भी अपील की कि उसकी सराहना करनी बंद की जाए, क्योंकि इससे उसका इमान खतरे में पड़ता है।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कभी ज़िंदा जलाया, कभी काट कर टाँगा: ₹60000 करोड़ का नुकसान, हत्या-बलात्कार और हिंसा – ये सब देश को देकर जाएँगे ‘किसान’

'किसान आंदोलन' के कारण देश को 60,000 करोड़ रुपए का घाटा सहना पड़ा। हत्या और बलात्कार की घटनाएँ हुईं। आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।

बारबाडोस 400 साल बाद ब्रिटेन से अलग होकर बना 55वाँ गणतंत्र देश: महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का शासन पूरी तरह से खत्म

बारबाडोस को कैरिबियाई देशों का सबसे अमीर देश माना जाता है। यह 1966 में आजाद हो गया था, लेकिन तब से यहाँ क्वीन एलीजाबेथ का शासन चलता आ रहा था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
140,754FollowersFollow
412,000SubscribersSubscribe