जिस उद्धव ठाकरे के विधायक आज सोनिया गाँधी के नाम पर शपथ ले रहे हैं, उन्होंने ही कभी जवानों के अपमान का आरोप लगा कर राहुल गाँधी से पूछा था कि वो 26/11 के वक़्त कहाँ थे? 26/11 के बाद चर्चित रही थी राहुल गाँधी की 'पार्टी ऑल नाइट' और प्रियंका के बेतुके बयान।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान इनके वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने 154 विधायकों के समर्थन का दावा किया। वहीं, शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने बताया कि गवर्नर को 162 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा गया है। संजय राउत 175 का दावा करते रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट में महाराष्ट्र के सियासी संकट पर सुनवाई के दौरान भाजपा का पक्ष रखते हुए मुकुल रोहतगी ने कहा कि चुनाव नतीजे आने के बाद शिवसेना और भाजपा में मतभेद गहरा गए। इसके बाद अजित पवार ने उन्हे समर्थन देने की बात कही थी।
एक वरिष्ठ नेता ने दलों के बँटवारे के बारे में बात करते हुए बताया कि शिवसेना और एनसीपी को लगभग बराबर की हिस्सेदारी सत्ता में मिलेगी, लेकिन कॉन्ग्रेस को कुछ कम में संतोष करना पड़ेगा। वहीं, ये भी कहा जा रहा है कि एनसीपी अभी भी...
पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने अपने ऊपर युवा नेतृत्व थोपे जाने का आरोप मढ़ते हुए प्रियंका गाँधी की नीति और निर्णयों के ख़िलाफ़ बगावत की है। इसके बाद प्रदेश कॉन्ग्रेस ने अपने पार्टी के 11 वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ़ न केवल कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, बल्कि...
भारत के सीमवर्ती इलाकों में रह रहे इन हिन्दुओं को राजस्थान पुलिस पाकिस्तान भेजने की तैयारी में है। एक कट्टर इस्लामिक देश होने के चलते पाकिस्तान में हिन्दुओं पर अत्याचार चरम पर हैं। यह सभी परिवार धार्मिक वीसा के बहाने यहाँ इसी लिए रुके थे क्योंकि पाकिस्तान में हिन्दुओं को सिर्फ यातनाएँ ही मिलती हैं।
प्रियंका गाँधी की ओर से पार्टी के 350 पूर्व सांसद, MLA, MLC, 2019 के लोकसभा उम्मीदवार और 2017 के विधानसभा उम्मीदवारों को बुलावा भेजा गया था। लेकिन इंदिरा गाँधी की छवि वाली प्रियंका के बुलावे के बावजूद आए कितने? सिर्फ 40! मतलब 350 में से सिर्फ 40... बहुत नाइंसाफी हो गया ये तो!
संसद और विधानसभा में निर्वाचित होने वाले जनप्रतिनिधि अपने व्यवहार से शालीनता और शिष्टाचार का परिचय देते हैं मगर जब पार्टी अध्यक्ष खुद ही संसद में सारी मर्यादा को तार-तार कर दे तो......
इस संशोधन के बाद ट्रस्ट में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष के होने की अनिवार्यता समाप्त हो गई है। 2023 में मौजूदा न्यास का कार्यकाल समाप्त होने पर नए सदस्यों में शहीदों के परिजन भी होंगे।