Tuesday, June 15, 2021

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कन्नड़ सबसे घटिया भाषा: गूगल इंडिया ने माँगी माफी, कहा – एल्गोरिदम को बेहतर बनाने के लिए कर रहे काम

कन्नड़ भाषा का अपना एक इतिहास है, जो लगभग 2,500 साल पुराना है। मंत्री ने कहा कि यह भाषा सदियों से कन्नड़ लोगों का गौरव रही है।

इंटरनेट एक्सप्लोरर Google Chrome डाउनलोड करने के लिए था बेस्ट: माइक्रोसॉफ्ट की बंद करने की घोषणा, बने Memes

गूगल का क्रोम ब्राउजर इंटरनेट सर्फिंग के बाजार का लगभग 65% हिस्सा कवर करता है। सफारी ब्राउजर एप्पल के कंप्यूटर्स और दूसरे डिवाइस में...

Oh God का मतलब ‘या अल्लाह’… गूगल यही बता रहा, बस 2 स्टेप से कंपनी को बताइए उसकी गलती

गूगल ट्रांसलेशन द्वारा 'ओह गॉड' (Oh God) यानी, 'हे भगवान' का हिंदी अनुवाद 'या अल्लाह' बताने को लेकर ऑनलाइन सर्च इंजन गूगल से लोगों ने सवाल किए हैं।

God Bless You का हिंदी मतलब ‘अस्सलामु अलैकुम’? Google ट्रांसलेशन की करतूत के बाद लोग माँग रहे जवाब

अंग्रेजी में 'God bless you' लिखते हैं तो गूगल ट्रांसलेशन में इसका अनुवाद 'अस्सलामु अलैकुम' दिखाया जाता है। हो रहा विरोध।

ट्रैकिंग के लिए गए 3 दोस्त गूगल मैप की बताई सड़क पर चल पड़े, डैम में डूब गई कार; एक की मौत

महाराष्ट्र में गूगल मैप के बताए रास्ते पर चलते चलते एक कार डैम में डूब गई। सवार तीन लोगों में से एक की मौत हो गई।

जो बायडेन को Google व माइक्रोसॉफ्ट से डोनेशन… लेकिन ट्रम्प को बैन: बड़ी कंपनियों की ‘पाक-साफ’ राजनीति

राजनीतिक पक्षपात के आरोपों के बीच जो बायडेन के शपथग्रहण समारोह के लिए डोनेशन देने वाली कंपनियों में गूगल -माइक्रोसॉफ्ट भी शामिल है।

जिस एप पर ट्रम्प ने बनाया अकाउंट, उसे Google ने हटाया, एप्पल ने नोटिस थमाया: ट्विटर और फेसबुक कर चुका है बैन

गूगल ने सोशल नेटवर्किंग एप्लीकेशन पार्लर को प्ले स्टोर से हटा दिया है। ट्रंप ने इस पर अकाउंट बनाया था और यह एप उनके समर्थकों के बीच भी खासा लोकप्रिय है।

पैगम्बर मोहम्मद के कार्टून पर भड़का पाकिस्तान: गूगल, विकिपीडिया को धमकाया, अहमदिया ‘मुस्लिम’ पर भी बवाल

पाकिस्तान रेगुलेटर्स ने एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा कि उन्हें Google Play Store पर अहमदिया समुदाय द्वारा अपलोड किए गए "पवित्र कुरान के अनैतिक संस्करण" को लेकर कई शिकायतें मिल रही हैं।

अब Google से क्यों नाराज हुए दुनिया भर के मुस्लिम? मिर्जा मसरूर इस्लाम का नया खलीफा या गुस्ताख़-ए-रसूल?

"मिर्जा मसूर अहमद मसीहा आमिर-उल-मूमिनीन के खलीफा हैं और अप्रैल 22, 2003 से वो इस पद पर हैं। गुलाम अहमद की मौत के बाद वो खलीफा बने।"

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