गृह मंत्रालय द्वारा न्यायिक जाँच के आदेश दिए जाने के बाद लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) ने केंद्र सरकार के साथ बातचीत फिर से शुरू करने का फैसला किया है
रोज धमाके और नक्सली हमले कॉन्ग्रेस सरकार की पहचान थे। लेकिन मोदी सरकार के दौर कश्मीर में इसमें बदलाव हुआ और अब नक्सली और आतंकी अंतिम साँसे गिन रहे हैं।
गृह मंत्रालय ने हर राज्य को जिला स्तर पर पर्याप्त डिटेंशन सेंटर स्थापित करने का आदेश दिया गया है, जहाँ संदिग्ध प्रवासियों को निर्वासन की प्रक्रिया पूरी होने तक रखा जाएगा।