Saturday, September 18, 2021

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भाजपा

Info फीचर: मिडिल क्लास को क्या-क्या मिला मोदी सरकार से, ये 15 फोटो आपकी आँखें खोल देंगी

आँकड़ों से सने इन 15 चित्रों को देख कर आप जान सकते हैं कि पिछले 4.5 वर्षों में सरकार ने मिडिल क्लास के लिए क्या-क्या किया हैं।

प्यारे बुद्धिजीवियो! नितिन गडकरी उड़ता तीर है, इसे लेकर बुरे फँसोगे

दिवास्वप्न देखना और कॉन्पिरेसी थ्योरी में यकीन करना कॉन्ग्रेस पार्टी का एक पार्ट टाइम पेशा बनता जा रहा है, और शायद इस तरह की संभावनाओं पर भविष्यवाणियाँ कर के कॉन्ग्रेस के नेता अपने लिए 2019 के आम चुनावों के बाद रोज़गार तलाश रहे हैं।

कश्मीर के शहीद जवान औरंगज़ेब के पिता BJP में होंगे शामिल

भाजपा नेताओं के अनुसार मोहम्मद हनीफ़ के भाजपा में शामिल होने से राजोरी और पुंछ जिले में भाजपा को और मजबूती मिलेगी। उनके अलावा और कई प्रमुख लोग भी भाजपा का दामन थाम सकते हैं।

मध्य प्रदेश: भाजपा नेताओं की मौत के बीच राज्य के गृह मंत्री का शर्मनाक बयान

राज्य के कई नेताओं को अपनी जान भी गँवानी पड़ी। भाजपा नेताओं की मौत के बीच राज्य के गृहमंत्री बाला बच्चन ने बेहद शर्मनाक बयान दिया है।

मध्य प्रदेश में अब RSS कार्यकर्ता की हत्या, 9 दिनों में 6 मर्डर से संघ-BJP में रोष

मध्य प्रदेश में राजनीतिक हत्याओं का यह दौर 16 जनवरी से शुरू हुआ था। भाजपा नेताओं व उनके रिश्तेदारों के साथ-साथ अब RSS के कार्यकर्ता भी निशाने पर!

गौरक्षकों द्वारा जिस उमर की मॉब लिंचिंग हुई थी, उसका बेटा गो-तस्करी में गिरफ़्तार

गो-तस्करी के आरोप में मकसूद के अलावा 6 अन्य लोगों की भी गिरफ़्तारी हुई है। पुलिस ने मकसूद खान पर यह आरोप लगाया है कि वह ट्रक के पीछे टैंकर में भरकर गायों की तस्करी करता था।

1993 के घूस काण्ड की पार्टियाँ झारखंड में BJP के ख़िलाफ़ एकजुट

झारखंड में लोकसभा की कुल 14 सीटें हैं। राज्य में आदिवासियों की संख्या अच्छी तादाद में है। आदिवासियों के वोट बैंक पर झामुमो की पकड़ मजबूत है।

6 दिन में 5 BJP नेता का मर्डर: मध्य प्रदेश में राजनैतिक हत्याओं का दौर जारी

ग्वालियर भाजपा के ग्रामीण जिला मंत्री नरेंद्र रावत के भाई छतरपाल सिंह रावत की लाश पार्वती नदी के पुल के पास मिली। छतर सिंह के शरीर पर ज़ख़्म के कई निशान भी मिले हैं।

ISIS के 47 आतंकी पकड़कर लाए गए भारत

ISIS के इन 47 समर्थकों में से अधिकतर भारत से बाहर रहकर भारतीय युवाओं के भर्ती एजेंट के रूप में काम करते थे।

वेरी शौरी साहब! आपको दलदल से कोई और नहीं, सिर्फ ‘शौरी’ ही निकाल सकते हैं

कल उन्हें 'तानाशाह' पसंद था, अब विकेन्द्रीकरण का बहाना मारते हैं। कल एक आँख के बदले दो आँख की बात करते थे, अब सेना के शौर्य को 'फ़र्ज़ीकल' स्ट्राइक बताते हैं

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