महबूबा मुफ्ती ने दिल्ली धमाके के बीच युवाओं के आतंकी बनने के लिए केंद्र की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है लेकिन वो कभी जहर बोने वाले आंतकी संगठनों पर सवाल नहीं उठाती हैं।
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले मे लश्कर-ए-तैय्यबा के ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) ने नदी में कूदकर जान दे दी। इम्तियाज अहमद माग्रे ने सुरक्षा बलों की पूछताछ से बचने के लिए यह कदम उठाया। घटना का वीडियो भी सामने आया है।
जिस संविधान से उमर अब्दुल्ला मुख्यमंत्री बने हैं उसी संविधान के तहत जम्मू-कश्मीर को केंद्रशासित प्रदेश घोषित किया गया है। फिर इस मामले पर सरकारी कार्यक्रम का विरोध कितना उचित है?