विषय: वामपंथ

रुचि कोकचा, महाशिवरात्रि

ईद पर मटन ठीक, क्रिसमस पर ‘गोमूत्र नहीं शराब पियो’, पर महाशिवरात्रि पर निकल रहा है लेखिका का ज्ञान

ईद पर मटन-बिरयानी के गुलछर्रे उड़ाने वाली रुचि क्रिसमस पर 'भक्तों' को 'गाय के पेशाब की जगह शराब पीने' की सलाह देती हैं। जैसे ही महाशिवरात्रि आती है, रुचि के अंदर का सामाजिक कार्यकर्ता जाग उठता है और वो फ़र्ज़ी ज्ञान देने लगती हैं। सारे सलाह हिन्दुओं के लिए ही हैं क्या?
कन्हैया कुमार

कन्हैया पर चप्पल फेंकने वाले लड़के को वामपंथियों ने किया लिंच, बेहोश होने तक पीटा

ऑपइंडिया किसी भी प्रकार की हिंसा को बढ़ावा नहीं देता। चप्पल मारना भले ही किसी की खीझ की ‌अभिव्यक्ति हो सकती है, वो एक विरोध का तरीका हो सकता है, लेकिन यह तरीका सही नहीं है, भले ही देश विरोधी वामपंथी ही इसका शिकार क्यों न हो रहे हों।
शरजील इमाम

शरजील ‘एक प्रेम कथा’: आतंकी जाकिर मूसा की तरह शरजील इमाम को भी जानेमन ने ही करवाया गिरफ्तार

राजद्रोह के केस होने के बाद दो दिन से बिहार में छापेमारी करने पहुँचे पाँच सदस्यों के पुलिस दल को यह बात पता चली की शरजील अपनी प्रेमिका के संपर्क में है। जिसके बाद पुलिस ने शरजील की प्रेमिका से संपर्क किया और उसकी मदद से शरजील इमाम गिरफ्तार हो पाया।
शरजील इमाम

शर्जील इमाम को हीरो बनाने के लिए ‘लिबरल गिरोह’ अब क्या-क्या करेगा कमाल, समझिए पूरी क्रोनोलॉजी

देश के ख़िलाफ़ बयानबाजी करने वालों को अभिव्यक्ति की आजादी की आड़ में छिपाया जाता रहा है। उनके प्रति संवेदना दिखाई जाती रही है। एक तय क्रम के साथ उनके विवादों में आने के बाद उन्हें हीरो बनाने की कोशिश हुई। उससे पहले से मालूम चल चुका है कि शर्जील इमाम के मामले में अब आगे क्या होगा?
बापसा

‘देशद्रोही’ शरजील के साथ कौन? JNU की BAPSA, कहा- ब्राह्मणवादी भाजपा मुसलमानों को पकड़ रही

यह देखना हास्यास्पद है कि जब इस CAA-NRC विरोध प्रदर्शन को शुरू करने वाला शाहीन बाग ही शरजील इमाम से पीछा छुड़ाना चाह रहा है, तब यहाँ जेएनयू में अपनी पहचान तलाश रहा BAPSA शरजील के मुसलमान होने और सताए जाने की बात करते हुए इसमें ब्राह्मणवाद निकाल लाया है।
आफरीन फातिमा

निर्दोष अफजल गुरु को फाँसी किसने दी? राम मंदिर कौन बनवा रहा? – SC के खिलाफ JNU महिला नेता ने उगला जहर

इस वीडियो में आफरीन फातिमा देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था सुप्रीम कोर्ट और सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए देखी जा रही है। वीडियो में आफरीन फातिमा सुप्रीम कोर्ट द्वारा राम मंदिर और अफजल गुरु की फाँसी के फैसलों पर संदेह जताते हुए...
शरजील इमाम

‘अरेस्ट करने को पुलिस टीम भेज दी है’ – असम को भारत से काटने वाले ‘इमाम’ पर अलीगढ़ SSP का आदेश

अलीगढ़ के SSP आकाश कुल्हारी के अनुसार, शरजील के खिलाफ IPC की धारा 124ए, 153ए, 153बी और 505 (2) के अंतर्गत FIR दर्ज की जा चुकी है और उनकी टीम जल्द ही शरजील को गिरफ्तार करेगी।
शाहीन बाग़

संविधान और शरीयत में से शरीयत को चुन चुका है शाहीन बाग़

वास्तविकता आज बुरका पहनकर शाहीन बाग़ में अल्लाह हू अकबर के नारे लगाते हुए पत्रकारों की सामूहिक लिंचिंग कर रही है। सेकुलर शाहीन बाग़ आज ला इलाहा इल्लल्लाह और अल्हम्दुलिल्लाह का स्वर बोल रहा है, और क्योंकि यह स्वर क्रांतिजीवों, JNU-मतावलम्बियों के श्रीमुख से निकला है, इसलिए प्रोग्रेसिव लिबरल भी उनकी हाँ में हाँ मिलाता नजर आ रहा है।
एबीवीपी छात्र नेता

JNU हिंसा: लेफ्ट की पोल खोलते हुए ABVP ने जारी किए 8 वीडियो, दिखी CPI के बड़े नेता की बेटी

एक वीडियो में सीपीआई नेता डी. राजा की बेटी अपराजिता के हाथ में डंडा है। लेफ्ट विंग के ऐक्टिविस्टिस और छात्र विडियो में मफलर पहने हुए रॉड और डंडे इकट्ठे करते दिख रहे हैं। दूसरे वीडियो में वामपंथी प्रोफेसर बीएस बडोला को सुरक्षाकर्मियों को धमकी देते देखा जा सकता है।
ऑपइंडिया (हिन्दी) ने पूरे किए एक साल

वामपंथियों को कीमोथैरेपी देने वाले ऑपइंडिया के एक साल: न्यूजरूम की तरफ से आपका आभार

साल पूरा होते-होते, अब हर वामपंथी हमें गाली दे कर खारिज करने की कोशिश करता रहता है। जब इस तरह के आक्रमण होने लगते हैं, इसका मतलब है कि किसी को दर्द हो रहा है। हमारी कोशिश है कि इस दर्द की तीव्रता बढ़ाते रहें।

JNU की प्रोफ़ेसर का खुलासा: छात्रसंघ की लड़कियों तक ने की मारपीट और तोड़फोड़

ये JNUSU छात्र बिना किसी विरोध के उन मासूम आम छात्रों के साथ ये सब करने में कामयाब रहे, क्योंकि उस दौरान आसपास एक भी AVBP के छात्र नहीं थे। नकाबपोश चेहरे वाले वहाँ कई छात्र खड़े थे। हम में से कई लोग संदेह कर रहे थे कि उनमें से कुछ हमारे छात्र नहीं हो सकते हैं और कुछ जामिया मिलिया के हो सकते हैं।
JNU हिंसा

JNU: रजिस्ट्रेशन कराने के इच्छुक आम गरीब छात्रों को प्रताड़ित कर रहे हैं वामपंथी छात्र और प्रोफ़ेसर

"यहाँ विचारधारा थोपने का काम होता है, हेल्दी डिबेट की कोई बात ही नहीं बची है। सभी को वामपंथी विचार को ही अपना विचार बनाने के लिए दबाव बनाया जाता है। आप उनसे अलग रहेंगे तो वामपंथी छात्र और यहाँ के कई वामपंथी प्रोफ़ेसर आपका यहाँ रहना मुश्किल कर देंगे।"

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