Monday, July 22, 2024
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सिद्धार्थ के पेट में अन्न का नहीं था दाना, शरीर पर थे घाव ही घाव: केरल में छात्र की मौत के बाद SFI के 9 गुंडों की तलाश, पीड़ित पिता बोले- डीन को सब पता था

सिद्धार्थ आत्महत्या केस में 8 गिरफ्तार हो चुके हैं, तो एसएफआई से जुड़े आसिफ खान समेत 9 अन्य आरोपितों की तलाश पुलिस कर रही है।

केरल के वायनाड जिले में स्थित पुक्कोडे पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय में सेकंड ईयर के स्टूडेंट सिद्धार्थ जेएस की मौत को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। यहाँ एसएफआई के कार्यकर्ताओं पर उसकी हत्या के आरोप लगे हैं, जिसमें 8 को गिरफ्तार कर लिया गया है, तो अब सिद्धार्थ के पिता ने डीन डॉ एमके नारायणन पर मामले की लीपापोती के आरोप लगाए हैं। सिद्धार्थ के पिता जयप्रकाश टी ने कहा है कि डीन डॉ एमके नारायणन को घटना के बारे में पूरी जानकारी थी, इसके बावजूद वो छात्रों पर मुँह बंद करने का दबाव डालते रहे।

एसएफआई से जुड़े कई नेता गिरफ्तार

सिद्धार्थ आत्महत्या केस में 6 आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद कॉलेज यूनियन अध्यक्ष के. अरुण और एसएफआई के कॉलेज ईकाई सचिव अमल इहसन ने गुरुवार (29 फरवरी 2024) को आत्मसमर्पण कर दिया, जबकि एसएफआई से जुड़े आसिफ खान समेत 9 अन्य आरोपितों की तलाश पुलिस कर रही है। डीएसपी टीएन सजीव ने मीडिया से बातचीत में इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आसिफ खान समेत 9 आरोपितों की तलाश जारी है, जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डीएसपी सजीव ने कहा कि शेष आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने की तैयारी चल रही है।

इस बीच, मृतक छात्र सिद्धार्थ के पिता जयप्रकाश ने कहा कि कैंपस के डीन डॉ नारायणन ने इस मामले में लीपापोती की है और उन्हें पूरे मामले की जानकारी थी। ऐसे में उन्हें भी आरोपित बनाया जाए। सिद्धार्थ के पिता ने कहा, “मुझे यही लग रहा था कि सिद्धार्थ की मौत आत्महत्या का मामला है और मैं इसके पीछे के कारण के बारे में सोच रहा था।” उन्होंने कहा, “एक छात्र ने मुझे बताया कि एसएफआई नेता ने उन्हें सिद्धार्थ की मौत की असलियत बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है। यहाँ तक कि परिसर में शिक्षक और प्रशासनिक प्रमुख भी इन एसएफआई गुंडों की धुन पर नाचने वाली कठपुतली मात्र हैं। ऐसे कई अन्य छात्र हैं जिन्हें इसी तरह से प्रताड़ित किया गया।”

इस मामले में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने नारायणन से जवाब माँगा था कि सिद्धार्थ पर हमले को लेकर इतने दिनों तक कोई रिपोर्ट क्यों नहीं दी गई। इसका जवाब देते हुए नारायणन ने बताया कि वो व्यस्त थे। उन्होंने परिसर में सिक्योरिटी को बढ़ाने की घोषणा की और कहा कि सीसीटीवी कैमरों की संख्या के साथ ही सुरक्षाकर्मियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। नारायणन ने कहा है कि इस मामले की जाँच की जा रही है, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि पुलिस ने 6 आरोपितों को गिरफ्तार किया था। अब ये संख्या बढ़कर 8 हो चुकी है। 9 अब भी फरार हैं।

एसएफआई का गढ़ है पुक्कोड़ कैंपस

बता दें कि वायनाड के पुक्कोडे में केरल पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (केवीएएसयू) परिसर एसएफआई का गढ़ रहा है, जहाँ अन्य राजनीतिक विचारधाराओं की कोई जगह नहीं है। यहाँ विरोधी विचारधारा को कुचल दिया जाता है। ऐसे में छात्रों के सामने सिर्फ एसएफआई से ही जुड़ने का रास्ता रहता है।

अपना नाम न छापने की शर्त पर एक शिक्षक ने ओनमनोरमा से कहा, ‘चाहे वो छात्रों का आपसी विवाद हो, या छात्रों की शिक्षकों के खिलाफ शिकायतें, या कैंपस में किसी तरह की प्रशासनिक दिक्कत, सबकुछ एसएफआई से जुड़े छात्र नेताओं के हाथ में रहता है। यहाँ कंगारू कोर्ट लगाकर छात्रों, शिक्षकों को सजा दी जाती है और लोगों को डराया धमकाया जाता है।’ शिक्षक का कहना है कि अगर खुद शिक्षक या कोई कर्मचारी विरोध करता है या शिकायत करता है, तो उसे एसएफआई के लोगों का गुस्सा झेलना पड़ता है। वो व्यक्ति खुद मुसीबत में फंस जाता है।

एसआईटी करेगी मामले की जाँच

इस बीच, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने मामले की जाँच के लिए एसआईटी के गठन का आदेश दिया है। सीएम कार्यालय की तरफ से इस बारे में नोट जारी कर बताया गया है कि “सभी आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए एसआईटी का गठन किया गया है, जो पूरे मामले की जाँच करेगी।” वहीं, विपक्षी नेता वीडी सतीसन ने इस मामले में डीन को आरोपित बनाने की माँग की है। उन्होंने कहा कि अगर एसएफआई को कंट्रोल नहीं किया गया, तो यूडीएफ बड़ा विरोध-प्रदर्शन करेगी।

सिद्धार्थ नाम के छात्र ने कर ली थी आत्महत्या

गौरतलब है कि 18 जनवरी, 2024 को वायनाड के एक कॉलेज में पशु विज्ञान की पढ़ाई करने वाले छात्र जे एस सिद्धार्थ ने आत्महत्या कर ली थी। सिद्धार्थ को कॉलेज हॉस्टल के एक टॉयलेट में लटकता पाया गया था। इसके बाद सिद्धार्थ की पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट में कई खुलासे हुए। रिपोर्ट में बताया गया कि मौत से पहले सिद्धार्थ को बुरी तरीके से मारा पीटा गया था। उसका पेट खाली था और शरीर पर घाव थे।

इसके बाद पुलिस ने इस मामले में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया। इस मामले में 12 छात्रों को कॉलेज से निलंबित भी कर दिया गया। निलंबित किए जाने वालों में एसएफआई के वामपंथी छात्र नेता भी हैं। सिद्धार्थ के पिता जयप्रकाश ने बताया है कि उनके बेटे को वामपंथी छात्रों ने काफी प्रताड़ित किया।

उन्होंने बताया कि सिद्धार्थ ने 14 फरवरी (वैलेंटाइन डे) के दिन एक छात्रा के साथ डांस किया था। वामपंथी छात्र इससे खीझ गए थे। वह अगले दिन घर लौटने वाला था। लेकिन इन SFI नेताओं ने बेटे को हॉस्टल में बुलाकर प्रताड़ित करना चालू किया। तीन दिनों तक लगातार उसे प्रताड़ित किया गया। उसे खाना पीना नहीं दिया गया। उसे रॉड से पीटा गया। उसको नंगा करके हॉस्टल में घुमाया गया और बेइज्जत किया गया। इसके बाद सिद्धार्थ के आत्महत्या की खबर आई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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