कुलदीप नैयर के बेटे राजीव ने बताया कि किताब में वही बातें लिखी गई हैं जो मनमोहन सिंह ने ख़ुद उनके दिवंगत पिता से कही थीं। लेकिन अब किताब पढ़ने के बाद वो इस बात को नकार रहे हैं।
जिस प्रकार की भाषा CUSAT प्रशासन द्वारा प्रयोग की गई उससे यही पता चलता है कि कुलपति द्वारा उत्तर भारतीय और दक्षिण भारतीय छात्रों में भेदभाव करने का प्रयास किया गया।