संदीप घोष जैसे दागी व्यक्ति को न सिर्फ एक से बढ़कर एक महत्वपूर्ण जगहों पर तैनात किया जा रहा है, बल्कि उसके कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का प्रिंसिपल बनने के पीछे भी एक बड़ी जानकारी सामने आई है।
महिलाओं के साथ बढ़ रहे रेप के मामलों पर कानून को सख्त करने की बात कही जा रही है लेकिन दूषित मानसिकता पर चर्चा भी जरूरी है जिसपर काम किए बिन इन घटनाओं को कम नहीं किया जा सकता।