बाबा रामदेव ने कहा कि अगर देश का कानून तोड़ेंगे तो चिदंबरम जैसा हाल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून के शिकंजे में राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी भी हैं। चिदंबरम के बाद अब जेल जाने का नंबर राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी का है।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अनुसार ईसाई लड़कियाँ 'लव जिहाद' का सबसे आसान शिकार बन रही हैं। केरल की हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए एनआईए से जाँच की मॉंग की गई है। केरल बिशप कैथोलिक कॉन्फ्रेंस की रिपोर्ट के अनुसार 4000 ईसाई लड़कियों को प्यार के जाल में फँसाया गया और जबरन इस्लाम कबूल करवाया गया।
हम एक ऐसा कार्ड चाहते हैं जो सभी की जरूरतें जैसे आधार, पासपोर्ट, बैंक अकॉउंट, ड्राइविंग लाइसेंस और वोटर आईडी की जरूरत को पूरा कर सके। एक ऐसा सिस्टम भी होना चाहिए कि यदि किसी शख्स की मौत हो जाए तो ऑटोमेटिक उसकी जानकारी पॉपुलेशन डाटा में अपडेट हो जाए।
जेपी नड्डा ने कहा कि कॉन्ग्रेस ने अनुच्छेद 370 से आदिवासियों का हक़ मारने का काम किया है। इसके लिए जवाहरलाल नेहरू को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा कि संविधान सभा में कोई भी इसके पक्ष में नहीं था। देश के पहले क़ानून मंत्री अम्बेडकर भी इसके लिए राज़ी नहीं थे।
ममता बनर्जी ने गृहमंत्री के सामने एनआरसी को लेकर उठाए मुद्दे के बारे बताया कि उन्होंने गृहमंत्री को एक पत्र सौंपा है और साथ ही एनआरसी से बाहर किए गए 19 लाख लोगों के बारे में बात की है, जिनमें बंगाली, गोरखा और हिन्दी बोलने वाले लोग भी हैं।
"हमने अपने चुनावी घोषणापत्र में देश की जनता से वादा किया था कि केवल असम में नहीं बल्कि पूरे देश में एनआरसी लाएँगे और देश की जनता का एक रजिस्टर बनाएँगे तथा बाकी (अवैध प्रवासियों) लोगों के लिए कानून के हिसाब से कार्रवाई होगी।"
दक्षिण भारत में हो रहे बवाल के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि उन्होंने कभी भी हिंदी को क्षेत्रीय भाषाओं पर थोपने की बात नहीं कही है। हिंदी को केवल दूसरी भाषा के तौर पर सीखने की बात की थी। इसपर अगर किसी को राजनीति करनी है तो वह करता रहे।
"रामायण में कई ऐसे काव्य हैं जो ज्ञान-विज्ञान, सुशासन सबका वर्णन करते हैं। स्त्री की मर्यादा कैसे रखी जाती है उसका रामायण में वर्णन है। स्त्री की मर्यादा के लिए युद्ध उचित है तो होना चाहिए।"
भोसले का बीजेपी में शामिल होना महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले कॉन्ग्रेस-एनसीपी गठबंधन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हाल के समय में इन दोनों दलों के कई नेताओं ने भाजपा और शिवसेना का दामन थामा है।
नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स (NRC) पर कई लोगों ने कई तरह के सवाल उठाए हैं, इसलिए वह स्पष्ट रूप से कह देना चाहते हैं कि एक भी अवैध अप्रवासी को भारत सरकार देश में नहीं रहने देगी। ये उनका वादा है।