Homeराजनीतिराहुल और सोनिया गॉंधी नहीं चाहते थे जिंदा रहें मोदी और शाह: रामदेव

राहुल और सोनिया गॉंधी नहीं चाहते थे जिंदा रहें मोदी और शाह: रामदेव

योग गुरु ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि देश का कानून तोड़ना और भगवान का कानून तोड़ना, दोनों ही गलत है। उन्होंने कहा कि चिदंबरम के बाद अब सोनिया और राहुल के जेल जाने की बारी है। दोनों चाहते थे कि अमित शाह जेल में सड़कर मर जाएँ और मोदी को फाँसी पर चढ़ा देंगे।

दिल्ली से सटे नोएडा शहर में आए योगगुरु बाबा रामदेव ने मंगलवार (सितंबर 24, 2019) को कॉन्ग्रेस पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि गाँधी परिवार ने साजिश करके अमित शाह को जेल भेजा था और वे चाहते थे कि शाह जेल में ही खत्म हो जाएँ।

बाबा रामदेव ने सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी का नाम लेकर साफतौर पर कहा कि ये दोनों नेता कभी नहीं चाहते थे कि अमित शाह और पीएम मोदी जिंदा रहें। उन्होंने कहा कि वे लोग चाहते थे कि अमित शाह जेल में सड़कर मर जाएँ और पीएम मोदी को फाँसी पर चढ़ा देंगे। इतना ही नहीं रामदेव ने पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम को निशाने पर लेते हुए कहा कि वह कानून मंत्री भी रह चुके हैं। उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उन्हें खुद कानूनी कार्रवाई में फँसना पड़ेगा। उन्होंने अपने कार्यकाल में कानून के साथ जमकर खिलवाड़ किया।

बाबा रामदेव का बयान (वीडियो साभार: दैनिक जागरण)

योग गुरु बाबा रामदेव ने केंद्र की मोदी सरकार की तारीफ करते हुए कहा है कि सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती से निपटने का काम किया है। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि देश का कानून तोड़ना और भगवान का कानून तोड़ना दोनों ही गलत है, अगर देश का कानून तोड़ेंगे तो चिदंबरम जैसा हाल हो जाएगा। रामदेव ने कहा कि कानून के शिकंजे में राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी भी हैं।  चिदंबरम के बाद अब जेल जाने का नंबर राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी का है।

साथ ही रामदेव ने मंदी से भी जल्द राहत की उम्मीद जताई। उन्होंने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ सेक्टरों में मंदी का माहौल है, देश की अर्थव्यवस्था एक नए दौर से गुजर रही है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही देश में हालात सुधरेंगे और मंदी के दौर से राहत मिलेगी। उन्होंने नोटबंदी और जीएसटी जैसे फैसलों को लेकर मोदी सरकार की तारीफ भी की।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

केरल में एलोहिम ग्लोबल वर्शिप सेंटर के पादरी बिनु वझामुट्टोम पर नाबालिगों से मारपीट, बंधक बनाकर जबरदस्ती काम कराने के आरोप: ईसाई नेता के...

केरल के पथानामथिट्टा में BJP कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए पादरी बिनू वझामुट्टोम के गिरफ्तारी की माँग की है।

महरंग बलोच पर मलाला का मौन… अफगान महिलाओं के लिए मंच-मंच भाषण, लेकिन पाकिस्तानी फौज के बलोचों के दमन पर नोबेल विजेता खामोश क्यों?

दुनिया के कोने-कोने से मानवाधिकार का झंडा उठाने वाली नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला पाकिस्तान में महरंग को उम्रकैद मिलने पर मौन बैठी है।
- विज्ञापन -