Friday, October 7, 2022
HomeराजनीतिRTI आवेदनों में कमी बताता है सरकार संतोषजनक काम कर रही है: गृहमंत्री अमित...

RTI आवेदनों में कमी बताता है सरकार संतोषजनक काम कर रही है: गृहमंत्री अमित शाह

“एक व्यक्ति डैशबोर्ड पर जाकर देख सकता है कि कितने शौचालय बनाए गए। डैशबोर्ड का प्रयोग कर लोग जान सकते हैं कि सौभाग्य योजना के तहत बिजली कनेक्शन कब मिलेगा? एक निरक्षर महिला डैशबोर्ड पर क्लिक कर जान सकती है कि उसे गैस सिलेंडर कब मिलेगा।”

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने RTI के आवेदनों में कमी आने को को सरकार की उपलब्धि बताया है। उन्होंने केन्द्रीय सूचना आयोग के 14 वें वार्षिक सम्मेलन को आज सम्बोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा सूचनाओं को सक्रियता से सार्वजनिक पटल पर रखना है ताकि RTI आवेदनों की संख्या में कमी आए। उनका कहना है कि सरकार की सफलता अधिक आरटीआई आवेदनों में नहीं है बल्कि आवेदनों में कमी आने का मतलब है कि सरकार का कार्य संतोषजनक है।

उन्होंने कहा, “हम एक ऐसा तंत्र लाना चाहते हैं जहाँ लोगों को सूचना पाने के लिए आरटीआई आवेदन दाखिल करने की जरूरत न महसूस हो।”

गृहमंत्री ने डैशबोर्ड प्रणाली के बारे में बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डैशबोर्ड प्रणाली लाकर ये सुनिश्तिच किया है कि बिना आरटीआई आवेदन डाले, जारी योजनाओं से संबंधित सभी जानकारी हासिल हो सके। उन्होंने इस नए प्रयोग को पारदर्शी युग की शुरुआत बताई है

उन्होंने कहा, “एक व्यक्ति डैशबोर्ड पर जाकर देख सकता है कि कितने शौचालय बनाए गए। डैशबोर्ड का प्रयोग कर लोग जान सकते हैं कि सौभाग्य योजना के तहत बिजली कनेक्शन कब मिलेगा? एक निरक्षर महिला डैशबोर्ड पर क्लिक कर जान सकती है कि उसे गैस सिलेंडर कब मिलेगा।”

गौरतलब है कि इस दौरान उन्होंने आयोग के लोगों ने अनुरोध किया कि वे न सिर्फ़ आरटीआई के आवेदनों का निपटान करें बल्कि लोगों को उन कदमों से भी अवगत करवाएँ जो ये सुनिश्चित करेंगे कि आगे इस आवेदन की जरूरत नहीं हैं।

हालाँकि , गृहमंत्री अमित शाह ने आरटीआई के कानून को पिछले 14 सालों से देश में सफल बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य लोगों का विश्वास बढ़ाना था। उन्होंने बोला कि इसके परिणामों के आँकलन से ज्ञात होता है कि देश में पारदर्शिता बढ़ी है। भ्रष्टाचार कम हुआ है और सुशासन की गति में भी तेजी आई है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मंदिर में नमाज गंगा-जमुनी तहजीब, कर्नाटक के बीदर में पारंपरिक दशहरा पूजा मस्जिद-मुस्लिमों पर हमला: इस्लामी प्रलाप कब तक भोगते रहेंगे हिंदू

कर्नाटक के बीदर में दशहरा पूजा की जो परिपाटी निजाम काल से चल रही है, उस पर इस्लामी प्रलाप चल रहा है। इसके दबाव में पुलिस ने 9 हिंदुओं पर एफआईआर की है।

राजस्थान में छाया बिजली संकट: 23 थर्मल स्टेशनों में से 11 बंद, प्रदेश में बचा है सिर्फ 4 दिन का कोयला

राजस्थान में बिजली संकट का खतरा बढ़ता जा रहा है। कोयले की आपूर्ति न होने के कारण प्रदेश में 23 थर्मल स्टेशनों में से 11 ने बिजली उत्पादन करना बंद कर दिया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
226,757FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe