इस स्टडी की सत्यता को जानने के लिए WHO और दूसरी संस्थाओं से दुनियाभर के 100 से ज्यादा रिसर्चर ने जाँच करवाने की डिमांड की थी। जिसके बाद लैंसेट ने कहा, "नए डेवलपमेंट के बाद हम प्राइमरी डेटा सोर्स की गारंटी नहीं ले सकते, इसलिए स्टडी वापस ले रहे हैं।"
कपिल मिश्रा ने 'द क्विंट' की एक ऐसी ही अपील के स्क्रीनशॉट ट्विटर पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि किस प्रकार 'द क्विंट' भारत के लोगों को उकसाकर उन्हें सड़कों पर उतर आने की अपील कर रहा है।
अमेरिका में सड़कों पर प्रदर्शनकारियों की बड़ी मौजूदगी ने उनके अंदर की सहानुभूति और मानवता का परिचय दिया। फिर आह भरते हुए वो कहते हैं, "लेकिन भारतीय अपने अधिकारों से अनजान हैं।"
उरूज रहमान की हरकतों के बारे में प्रॉसीक्यूटर ने कोर्ट में कहा कि ये सामान्य व्यक्ति का व्यवहार नहीं हो सकता। उसने कहा कि जिस तरह से शहर में अफरातफरी का माहौल है, उन्हें छोड़ना खतरे से खाली नहीं होगा।