उन्होंने गलती का एहसास करवाने के लिए लोगों को धन्यवाद किया और आशा जताई है कि उनसे सब ऐसे ही जुड़े रहेंगे। बोले - "मैं नहीं चाहता कि किसी भी सनातनी का भरोसा टूटे।"
राहुल गाँधी ने अमेरिका में यह बताने की कोशिश की है कि भारत में भारत में सिखों को पगड़ी और कड़ा पहनने की इजाजत नहीं है, जबकि इसी कॉन्ग्रेस के रहते सिखों का नरसंहार किया गया था।
अधर्म का साथ देकर लड़े तो द्रोणाचार्य तक मारे गए, फिर कुकर्मी जरासंध का साथ देकर एकलव्य कैसे महान बन जाता? 'अँगूठा दान' को उस समय के बृहद कूटनीतिक परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए।
राजनीतिक दल की सदस्यता लेनी खिलाड़ियों के लिए नई बात नहीं है। लेकिन बजरंग और विनेश ने जिस तरह से पॉलिटिकल एंट्री ली है, उससे खिलाड़ियों की विश्वसनीयता पर सवाल उठेंगे।