"हमारी चेतावनी के बावजूद इन्होंने अपने झूठ को ना डिलीट किया ना माफ़ी माँगी। कार्रवाई की बात कही थी, FIR दर्ज हो चुकी है आगे की कार्यवाही की जा रही है। अगर आप भी योगी सरकार के बारे में झूठ फैलाने के की सोच रहे है तो कृपया ऐसे ख़्याल दिमाग़ से निकाल दें।"
वुहान वायरस का संक्रमण रोकने के लिए जरूरी है कि केंद्र सरकार के सभी प्रयास सफल रहें। इसके लिए राज्य सरकारों को बिना किसी छल-कपट के एकजुट होकर काम करना होगा। तभी अपने लोगों के जीवन की रक्षा की जा सकती है।
सीएम योगी के मीडिया सलाहकार सिद्धार्थ वरदराजन को चेताया कि अगर उन्होंने अपनी इस फेक न्यूज़ को तुरंत डिलीट नहीं किया तो कार्रवाई की जाएगी और उन पर मानहानि का मुकदमा भी चलाया जाएगा। साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए ये भी कहा कि कार्रवाई के बाद वेबसाइट के साथ-साथ केस लड़ने के लिए भी सिद्धार्थ वरदराजन को डोनेशन माँगना पड़ जाएगा।
“कोरोना वायरस महामारी से संघर्ष में सरकार व समाज की सम्मिलित शक्ति की आवश्यकता है। मेरी आप सभी से अपील है कि 'मुख्यमंत्री पीड़ित सहायता कोष' द्वारा पीड़ितों की सहायता व उन्हें राहत प्रदान करने हेतु अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग करें और हम सभी के इस महासंघर्ष को शक्ति प्रदान करें।”
कोरोना लॉकडाउन के कारण बुनियादी जरूरतों की जद्दोजहद से जूझ रहे मजदूरों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी सौगात दी है। ताजा खबर के अनुसार सीएम योगी ने मनरेगा के तहत राज्य के 27.5 लाख श्रमिकों के बैंक खातों में सीधे 611 करोड़ रुपए भेजे हैं।
योगी सरकार ने जेपी स्पोर्ट्स सिटी यमुना एक्सप्रेस वे टाउनशीप का अधिग्रहण करते हुए फैसला लिया है कि इसे प्रवासियों के शेल्टर होम के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही रहने-खाने और चिकित्सकीय सुविधाओं का भी इंतजाम किया जाएगा।
दिल्ली को लंदन बनाने का दावा करने वाले अरविंद केजरीवाल ने आज दिल्ली को वुहान बनने के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। दुर्भाग्य यह है कि जिस जनता के साथ आज उन्होंने छल किया है, उसी को वोट बैंक बनाकर वो तीसरी बार सत्ता में लौटे हैं।
चड्ढा ने ट्वीट किया था कि उन्हें सूत्रों से पता चला है कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिल्ली से जाने वाले मजदूरों को दौड़ा-दौड़ा कर पिटवा रहे हैं। बकौल चड्ढा, सीएम योगी ने मजदूरों से पूछा कि वो दिल्ली क्यों गए थे और साथ ही धमकाया कि उन्हें आगे से दिल्ली नहीं जाने दिया जाएगा।
लॉकडाउन के बाद दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर गॉंव लौटने के लिए लोगों की भारी भीड़ दिख रही है। अब पता चला है कि इन्हें किस तरह गुमराह किया गया। दिल्ली सरकार के अधिकारी बक़ायदा एनाउंसममेंट कर अफ़वाह फैलाते रहे कि यूपी बॉर्डर पर बसें खड़ी हैं, जो उन्हें घर ले जाएँगी।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने रात में मीटिंग कर मजदूर हित में यह बड़ा फैसला लिया है। बस का इंतजाम नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़ समेत कई अन्य जिलों में किया गया, जहाँ से मजदूर अपने घरों को जा सकेंगे। मुख्यमंत्री के इस बड़े फैसले से उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग अपने-अपने घर तक पहुँच सकेंगे।