कॉन्ग्रेस का काम व्हाट्सएप्प से चल रहा है। एक तरह से जमीन पर उतरने की बजाए नेता Whatsapp से 'वर्क फ्रॉम होम' कर रहे। प्रियंका गॉंधी की सांगठनिक क्षमता का इससे बेहतर नमूना और क्या हो सकता है।
"मोदी सरकार में बिना किसी भेदभाव के सबका विकास हो रहा है। पिछली सरकारें अयोध्या के नाम से डरती थीं। पीएम मोदी ने राम राज्य की धारणा को साकार किया है। मोदी ने भारत की परम्परा को विश्व पटल पर रखा। भारत दुनिया में विश्वगुरू के रूप में स्थापित हो रहा है।"
दरअसल, अब दिवाली और राम मंदिर पर आने वाले फ़ैसले को देखते हुए क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए होमगार्डों की ज़रूरत भी बढ़ गई है। इसलिए, होमगार्डों की ड्यूटी बरकरार रखने का निर्णय लिया गया है।
जब उनसे पूछा गया कि वे कैसे क्या भारतीय संस्कृति है और क्या नहीं इसका सर्टिफिकेट बाँट रहे हैं, प्रकाश राज ने कहा कि उन्हें यह बात स्पष्ट है कि क्या संस्कृति है और क्या नहीं। "राम, लक्ष्मण और सीता को हेलीकॉप्टर से लाना और नीचे उतारना मेरी संस्कृति नहीं है।"
पीड़ित परिवार ने लखनऊ में कमलेश तिवारी की प्रतिमा लगाने की माँग की है। साथ ही खुर्शीद बाग़ इलाक़े का नाम बदल कर कमलेश नगर करने की माँग की गई है। हिंदुत्ववादी नेता तिवारी की 18 अक्टूबर को उनके कार्यालय में निर्मम हत्या कर दी गई थी।
महिला मड़ियांव की रहने वाली है। उसने पूछताछ में बताया कि युवकों ने उससे खुर्शेदबाग कॉलोनी का पता पूछा था। शुरुआती जॉंच के आधार परा पुलिस और एटीएस का कहना है कि तिवारी की हत्या से महिला का कोई संबंध नहीं है।
राशिद पठान दुबई की जिस कंपनी में काम करता था उसका मालिक पाकिस्तानी ही है। वह हाल ही में घर लौटा था। पठान सहित तीन को एटीएस ने सूरत से दबोचा है। अब एटीएस उसके पाकिस्तानी कनेक्शन को खंगाल रही है।
हाल ही में ख़बर आई थी कि पाकिस्तान ने हिज़्बुल, लश्कर और जमात को अलग-अलग टास्क सौंपे हैं। एक टास्क कुछ ख़ास नेताओं को निशाना बनाना भी था? ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि कमलेश तिवारी के हत्यारे किसी आतंकी समूह से प्रेरित हों।
"कमलेश तिवारी के बड़े बेटे के लिए यूपी प्रशासन सरकारी नौकरी की अनुशंसा करेगी। आत्मरक्षा के लिए उसे लाइसेंसी हथियार भी प्रदान किया जाएगा। उन्हें उचित वित्तीय सहायता प्रदान किया जाएगा। इन सभी बातों पर एक समिति द्वारा विचार किया जा रहा है।"