पीड़िता पढ़ाई छोड़ कर शामली के झिंझाना स्थित अपने गाँव वापस आ गई। इसके बावजूद ज़ाकिर अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और किसी परिचित के साथ पीड़िता के गाँव तक पहुँच गया।
नंबर ब्लॉक होने के बाद भी जियाउल अलग-अलग नम्बरों से फोन और मैसेज कर के पीड़िता को परेशान करने लगा। कहा - "मुझसे शादी करो, वरना शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दूँगा।"
अकील नौकरी दिलाने का लालच दे कर पीड़िता को अपने साथ लखनऊ के कैसरबाग कोर्ट ले गया। उसके साथ खलील, इंतज़ार और एक अज्ञात भी था। इन सभी ने एक वकील के द्वारा बनवाए गए कागजों पर पीड़िता के दस्तखत करवाए।