हमले का इलाका पहले पुंछ और राजौरी तक सीमित था। लेकिन बाद में यह रियासी जैसे इलाके तक फ़ैल गए। ऐसे ही एक हमले में श्रद्धालुओं की बस को भी आतंकियों ने निशाना बनाया था।
अवामी लीग ने बांग्लादेश में तख्तापलट होने के बाद पहला प्रदर्शन करने का आह्वान किया था। युनूस सरकार ने उसे भी रुकवाने के लिए बड़ी तादाद में सेना तैनात कर दी।
साबिर की गिरफ्तारी का संज्ञान रेल मंत्रालय ने भी लिया है। मंत्रालय की तरफ से भी जाँच के आदेश जारी किए गए हैं। मामला सेना से जुड़ा हुआ है इसलिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।