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बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद पहली बार सड़कों पर उतरी शेख हसीना की पार्टी, रोकने के लिए युनूस सरकार ने उतार दी फौज: सैकड़ों गिरफ्तार

सेना ने अवामी लीग पार्टी के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं को अरेस्ट किया है क्योंकि वो सड़कों पर प्रदर्शन करके विरोध करने जा रहे थे। वहीं भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड की 191 टुकड़ियों को तैनात किया गया है।

बांग्लादेश में अब पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी के समर्थकों को सड़कों पर उतर प्रदर्शन करने की आजादी भी नहीं है। हाल में उन्होंने प्रदर्शन का आह्वान किया तो पहले ही युनूस खान के नेतृत्व वाली सरकार ने सड़कों पर भारी मात्रा में बांग्लादेशी सेना तैनात कर दी और चेतावनी दी कि अगर कोई जुलूस हुआ तो सख्त कार्रवाई होगी।

खबरों के अनुसार, सेना ने अवामी लीग पार्टी के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं को अरेस्ट किया है क्योंकि वो सड़कों पर प्रदर्शन करके विरोध करने जा रहे थे। वहीं भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड की 191 टुकड़ियों को तैनात किया गया है।

मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने चेतावनी देते हुए कहा, “जो भी व्यक्ति सामूहिक हत्यारे और तानाशाह शेख हसीना से आदेश लेकर रैली, सभा और जुलूस आयोजित करने की कोशिश करेगा, उसे कानून लागू करने वाली एजेंसियों की पूरी सख्ती का सामना करना पड़ेगा।”

गौरतलब है कि बांग्लादेश में युनूस सरकार आने के बाद बांग्लादेश में बढ़ रहे अत्याचारों के खिलाफ अवामी लीग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) में शिकायत की गई थी। साथ ही अवामी लीग की ओर से फेसबुक पर बयान जारी कर पार्टी समर्थकों से रविवार को गुलिस्तान में शहीद नूर हुसैन छत्तर या जीरो पॉइंट पर कुशासन के खिलाफ विरोध के लिए जुटने का आग्रह किया था।

इसी बीच बांग्लादेशी सरकार ने अपना आदेश दिया और सड़कों पर जगह-जगह सेना तैनात कर दी। ये भी मालूम हो कि युनूस सरकार ने शेख हसीना के खिलाफ इंटरपोल के माध्यम से रेड नोटिस जारी किया है और उन्हें भगोड़ा बताया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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