Tuesday, May 11, 2021

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पाकिस्तानी प्रोपगेंडा के विरोध में दुनिया भर में प्रदर्शन, Article 370 हटाने का समर्थन

इंग्लैंड में इंडो-यूरोपियन कश्मीर फोरम और हिंदू काउंसिल यूके ने बर्मिंघम के विक्टोरिया स्क्वायर में अनुच्छेद 370 और 35A को निरस्त किए जाने का समर्थन किया है। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भी प्रदर्शन किया गया।

कश्मीर में पंडित सुरक्षित है और कट्टरपंथी आतंक में हैं: भारतीय मीडिया की पाक अकुपाइड पत्रकारिता

क्या लद्दाख के बौद्ध लोगों का डर नाजायज है कि जब कश्मीरी आतंकी वहाँ लहसुन-ए-हिन्द चिल्लाकर नारा-ए-अदरक लगाते आएँगे तो उन्हें वहाँ से भाग कर कहीं और नहीं जाना पड़ेगा?

कश्मीर के बारे में आपको नैरेटिव के दलालों ने ये बताया था क्या?

इन लोगों से ये वादा किया गया कि इन्हें स्थायी नागरिक का दर्जा दिया जायेगा। मगर इस स्थायी नागरिकता के साथ शर्त ये थी कि आने वाले परिवार और उनकी आगे की पीढियाँ सिर्फ सर पर मल ढोने का काम ही करेंगी। और वो शर्त आज भी लागू है।

समाप्त हो चुका है अनुच्छेद 370 का औचित्य, अब इसे जाना चाहिए: जानिए क्यों और कैसे

अनुच्छेद 370 को हटाने को लेकर जितना विवाद है उससे अधिक इसकी गलत व्याख्या की जाती रही है। इस अनुच्छेद की व्याख्या में अनर्गल तर्क देने वाले बुद्धिजीवी यहाँ तक कहते रहे हैं कि 370 ‘कश्मीर को असाधारण स्वायत्ता’ प्रदान करता है।

खत्म किया जा सकता है 35A, श्रीनगर क़िले में तब्दील

लोग इसे सोमवार को धारा 35A पर होने वाली सुनवाई से जोड़ कर देख रहे हैं। कई ख़बरों में सरकार द्वारा इस पर अध्यादेश लानेवाले की बातें भी हो रही हैं।

35-A का वह पहलू जिसका भार उठाते जम्मू-कश्मीर में दलितों की पीढ़ियाँ खप गईं

14 मई 1954 को एक ऐसा संवैधानिक आदेश भारत के राष्ट्रपति द्वारा जम्मू कश्मीर राज्य में लागू करवाया गया जिसने भारत के संविधान में एक नया अनुच्छेद जोड़ दिया।

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