राहुल गाँधी ने कहा कि 90 प्रतिशत लोग सिस्टम का हिस्सा नहीं हैं, मैं तो मिस इंडिया की लिस्ट देख रहा था, उसमें कोई दलित-ओबीसी-आदिवासी, अल्पसंख्यक ही नहीं है।
सामाजिक न्याय सुनिश्चित कराने के प्रधानमंत्री के लक्ष्य के मद्देनजर इस तरह की नियुक्तियों की समीक्षा करने और इसमें सुधार लाने की जरूरत है, इसलिए यूपीएससी से लेटरल एंट्री के विज्ञापन को निरस्त करने का अनुरोध किया जाता है।