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वक्फ बिल पर JPC ने माँगे सुझाव, मुस्लिम संगठनों से भी पक्ष रखने को कहा: जानिए कौन-कैसे बन सकते हैं इस प्रक्रिया का हिस्सा

वक्फ संशोधन विधेयक जेपीसी अध्यक्ष और भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, "हमने पहली बैठक में भी कहा था कि अगर सरकार ने वक्फ संशोधन 2024 को जेपीसी के पास भेजा है तो हम देश के सभी वक्फ बोर्ड को बुलाएँगे, जिससे सभी की राय को इसमें शामिल किया जा सके। सरकार का मानना ​​है कि एक बेहतर वक्फ संशोधन बिल आए।"

वक्फ बोर्ड की मनमानी पर लगाम कसने के लिए केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाए गए वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2024 पर को चर्चा के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजा गया है। जेपीसी की इस पर शुक्रवार (30 अगस्त 2024) को दूसरी बैठक हुई। लोकसभा सचिवालय ने एक विज्ञापन निकालकर इस बिल पर अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। साथ ही मुस्लिम संगठनों को भी आमंत्रित किया है।

ऑल इंडिया सुन्नी जमीयत-ए-उलेमा मुंबई, इंडियन मुस्लिम्स फॉर सिविल राइट्स नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और राजस्थान मुस्लिम वक्फ बोर्ड के प्रतिनिधि शुक्रवार को जेपीसी की बैठक में बिल को लेकर अपना-अपना पक्ष रखे। इससे पहले 31 सदस्यीय जेपीसी की पहली बैठक 22 अगस्त को हुई थी, जो काफी हंगामेदार रही थी।

बैठक में भाजपा और विपक्षी सांसदों के बीच बिल के उद्देश्य और इसके प्रावधानों को लेकर तीखी बहस हुई थी। उसी बैठक में विपक्षी सांसदों की तरफ से यह कहा था कि इस बिल से जुड़े सभी हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के लिए अखबारों में विज्ञापन दिया जाना चाहिए और उनके सुझाव आमंत्रित करना चाहिए। इसे संसद में 8 अगस्त को पेश किया गया था।

भाजपा के सांसद जगदंबिका पाल की अध्यक्षता वाली इस समिति ने इस बिल से संबंधित लोगों के विचार एवं सुझाव माँगे हैं। इनमें आम लोग, गैर-सरकारी संगठन (NGO), विशेषज्ञ, हितधारी और संस्थान शामिल हैं। जो लोग समिति को अपना सुझाव भेजने के लिए इच्छुक हैं, वे हिंदी या अंग्रेजी में अपने सुझाव की दो कॉपी लोकसभा सचिवालय को भेज सकते हैं।

इसका पता है- जॉइंट सेक्रेटरी(JM), लोकसभा सेक्रेटेरियट, रूम नंबर 440, पार्लियामेंट हाऊस एनेक्सी, नई दिल्ली। इसका पिन कोड 110001 है। फैक्स के लिए नंबर 01123017709 भी जारी किया गया है। इसे [email protected] पर भी ईमेल किया जा सकता है। सुझाव अगले 15 दिनों के भीतर पहुँच जाने चाहिए। इसके बाद ही इस पर विचार किया जा सकेगा।

सुझाव के लिए  लोक सभा सचिवालय की ओर से जारी किए गए विज्ञापन में कहा गया है कि यह सुझाव समिति के रिकॉर्ड का हिस्सा होगा और इसे गोपनीय माना जाएगा। विज्ञापन में यह भी कहा गया है कि जो लोग अपना सुझाव भेजने के अलावा समिति के समक्ष प्रस्तुत होना चाहते हैं, वे इसके बारे में लिख सकते हैं। उन्हें इसका मौका दिया जाएगा।

वक्फ संशोधन विधेयक जेपीसी अध्यक्ष और भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, “हमने पहली बैठक में भी कहा था कि अगर सरकार ने वक्फ संशोधन 2024 को जेपीसी के पास भेजा है तो हम देश के सभी वक्फ बोर्ड को बुलाएँगे, जिससे सभी की राय को इसमें शामिल किया जा सके। सरकार का मानना ​​है कि एक बेहतर वक्फ संशोधन बिल आए।”

उन्होंने आगे कहा, “ऑल इंडिया सुन्नी जमीयत-उल, ऑल इंडिया मुस्लिम सिविल लिबर्टीज के पूर्व सांसद दीप साहब को बुलाया गया है, साथ ही यूपी और राजस्थान के दो सुन्नी वक्फ बोर्ड को भी बुलाया गया है। हम सभी सदस्य से मिलकर एक व्यापक बिल लाएँगे जो इस वक्फ संशोधन बिल के लिए और देश के लिए बेहतर हो।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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