विषय: Citizenship Bill 2016

बीरेन सिंह

NRC लागू करने के पक्ष में मणिपुर, केंद्र से करेंगे संपर्क: CM बीरेन सिंह

बिरेन सिंह ने कहा "यह केंद्र सरकार के माध्यम से किया जाएगा। असम यह उच्चतम न्यायालय की निगरानी में कर रहा है। इसलिए हम केंद्र सरकार से इसे करने के लिए अनुरोध कर रहे हैं।"
हिन्दु रिफ्यूजी

पाकिस्तान समेत अफ़गानिस्तान, बांग्लादेश से आए हिन्दुओं व 6 अल्पसंख्यक समूहों को हर सुविधा देगी सरकार

अफ़गानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म को मानने वाले अल्पसंख्यक समुदाय को 12 साल के बजाय छह साल भारत में गुजारने पर और बिना उचित दस्तावेज़ों के भी भारतीय नागरिकता प्रदान की जाएगी।

‘हमारी लड़ाई बंग्लादेशी मुस्लिमों से है, ना कि भारतीय मुसलमानों से’

'हमारी पहचान से जुड़ा संकट बांग्लादेशी मुसलमानों से है, ना कि भारतीय मुसलमानों से। भारतीय मुसलमान हों या हिंदू या सिख-बौद्ध-जैन... इनसे आपको समस्याएँ इसलिए नहीं होती क्योंकि ये सभी लोग राजनीतिक रूप से भारतीय होते हैं और आपके सामाजिक ताने-बाने को तोड़ते नहीं हैं। जबकि बांग्लादेशी मुसलमान...'
मतुआ समुदाय

महारानी वीणापाणि देवी के निधन से ममता का बिगड़ा चुनावी गणित, BJP के हिस्से में 1.5 करोड़ वोट!

मतुआ समुदाय की मार्गदर्शिका वीणापाणि देवी ठाकुर के निधन के साथ ही बंगाल का चुनावी गणित बदलता नज़र आ रहा है। एक पत्र में उन्होंने नागरिकता विधेयक को लेकर ममता बनर्जी की आलोचना की थी। 1.5 करोड़ की जनसंख्या वाला मतुआ समुदाय वैष्णव सम्प्रदाय का हिस्सा है।
प्रधानमंत्री मोदी

जन्म लेते ही कुछ के लिए भारत रत्न तय क्यों हो जाता था: असम में PM मोदी का कॉन्ग्रेस पर तंज

पीएम ने कहा कि चाहे वो पाकिस्तान से आए हों, अफगानिस्तान से या फिर बांग्लादेश से... जो अल्पसंख्यक हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध पारसी और ईसाई हैं, उनको संरक्षण देना हमारा दायित्व है।
बीजेपी नेता लखेश्वर मोरन

नागरिकता संशोधन विधेयक पर हुई हिंसा, असम में BJP नेता की पिटाई

बीजेपी नेता ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने उन पर लाठियाँ और लातें बरसाईं लेकिन पुलिस ने हस्तक्षेप नहीं किया। भीड़ के उपद्रव से बचने के लिए जब उन्होंने भागने का प्रयास किया तो प्रदर्शनकारियों द्वारा उनका पीछा किए जाने की वजह से वो गिर गए।
हिमंत बिसवा सरमा

5 सालों में असम में हिंदू हो जाएँगे अल्पसंख्यक, अगर नागरिकता बिल नहीं हुआ लागू: हिमंत सरमा

1971 की गणना के अनुसार असम की जनसंख्या में 71 प्रतिशत हिंदू थे। 2011 के आते-आते ये संख्या 61 प्रतिशत हो गई।
नागरिकता विधेयक

नागरिकता बिल: क़रीब 31,000 अप्रवासियों को मिलेगा दीर्घकालिक वीज़ा

पहले यह माना जा रहा था कि यह बिल केवल असम में रहने वाले बांग्लादेशी अप्रवासियों को ही नागरिकता प्रदान करेगा, जबकि ऐसा नहीं है।
नागरिकता संसोधन बिल

नागरिकता संसोधन बिल को ख़त्म करें: नॉर्थ ईस्ट नेताओं का गृहमंत्री से आग्रह

जबकि भाजपा नागरिकता बिल को पारित करके असम व दूसरे राज्यों में रहने वाले बाहरी लोगों को देश से बाहर निकालना चाहती ताकि नॉर्थ ईस्ट के मूल नागरिकों को किसी तरह से कोई समस्या न हो।
सर्बानंद सोनोवाल

असम सरकार समुदाय, जमीन और आधार की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है: सर्वानंद सोनोवाल

उन्होंने कहा, "मिट्टी के लाल होने के नाते लोगों को आश्वस्त करता हूँ कि लोगों को डरने की कोई ज़रूरत नहीं है।"
अपनी नागरिकता प्रमाणपत्र के साथ जमना माई

12 सालों के वनवास के बाद मुस्कुराईं ‘पाकिस्तान की’ जमुना माई

जमुना माई 2006 में भारत आईं थी। इससे पहले उनका परिवार पाकिस्तान के कब्ज़े वाले पंजाब में ज़मींदारों के यहाँ खेती करके गुजारा कर रहा था।
Parliament

क्या है नागरिकता संशोधन विधेयक पर बहस का कारण?

राजीव गांधी सरकार के दौर में असम गण परिषद से समझौता हुआ था कि 1971 के बाद असम में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले बांग्लादेशियों को निकाला जाएगा।

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