Thursday, January 20, 2022
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दरगाह में 3000 की भीड़, नमाज के बाद पुलिसकर्मियों पर बरसाए पत्थर: 19 पुलिसकर्मी घायल, 32 हिरासत में

“32 लोगों को हिरासत में लिया गया है। हम FIR दर्ज कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य उपद्रवियों की भी शिनाख्त की जा रही है। इस हिंसक घटना में 19 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।”

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में गुरुवार (दिसंबर 19, 2019) को गुजरात के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए। इन दौरान हिंसक प्रदर्शन की कई तस्वीरें गुजरात के अहमदाबाद से आईं। अहमदाबाद के शाह आलम इलाके में उपद्रवियों की भीड़ ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया और उन पर पथराव शुरू कर दिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी भागकर छिपने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भीड़ के सिर पर खून सवार हो जाता है। इसमें लगभग 19 पुलिस वाले चोटिल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने कुल 32 लोगों को हिरासत में लिया है।

एक अन्य विडियो में दिखता है कि उपद्रवियों की भीड़ पुलिस के वाहन के पीछे दौड़ती है। पुलिस की गाड़ियाँ तेजी से जाने लगती हैं। आस-पास खड़े पुलिसकर्मी गाड़ी में घुसने की कोशिश करते हैं, लेकिन एक पुलिसकर्मी बस में चढ़ नहीं पाता और फिसल कर गिर पड़ता है। इतने में ही उपद्रवियों की भीड़ उसे घेर लेती है और पीटने लगती है।

इस घटना को लेकर मणिनगर पुलिस स्टेशन के एक कर्मचारी ने बताया कि बड़ी संख्या में भीड़ दरगाह में इकट्ठी हुई और फिर बाद में भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर भारी मात्रा में पथराव करना शुरू कर दिया। इशानपुर पुलिस स्टेशन के इंसपेक्टर जेएम सोलंकी ने बताया कि दरगाह में नमाज के बाद दो से तीन हजार उपद्रवियों की भीड़ सड़क पर आई और पथराव करना शुरू कर दिया। बता दें कि इसमें जेएम सोलंकी भी घायल हो गए हैं।

शाह आलम इलाके में हिंसक प्रदर्शन पर अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर आशीष भाटिया ने कहा, “32 लोगों को हिरासत में लिया गया है। हम FIR दर्ज कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य उपद्रवियों की भी शिनाख्त की जा रही है। इस हिंसक घटना में 19 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।”

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए गुजरात के गृह राज्य मंत्री प्रदीप जड़ेजा ने कहा था, “आज अहमदाबाद में हिंसा की दो घटनाएँ सामने आईं हैं। इसके अलावा पूरे राज्य में शांति पूर्ण वातावरण है। करीब 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है। विडियो फुटेज के जरिए हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

गौरतलब है कि गुरुवार को गुजरात बंद का ऐलान किया गया था। इस दौरान प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए। हजारों की तादाद में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर गए और सड़क जाम कर दिया। हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद स्थिति और बेकाबू हो गई और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ी को धक्का दे दिया। पुलिस की गाड़ी पलटाने की भी कोशिश की गई। बाद में एहतियात बरतते हुए अहमदाबाद-पालनपुर हाइवे को बंद कर दिया गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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