सोनम वांगचुक के अस्पताल जाते ही CJP के मंच पर अब 'डफलीबाज गैंग' का कब्जा हो गया है। AISA के नेहा बोरा और उसके साथी बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले पुराने 'आंदोलनकारी' रहे हैं।
जब CJP का एजेंडा एक्सपोज हुआ, तो 'आंदोलनजीवी' योगेंद्र यादव ने 'पंचशील' का प्रपंच रच डैमेज कंट्रोल किया। इसमें 'जय भीम' और 'इंकलाब जिंदाबाद' से हिंदुओं को गुमराह किया जाता रहा है।
कॉकरोच जनता पार्टी का 'संसद मार्च' क्या दिल्ली को हिंसा की आग में झोंकने की साजिश है, क्योंकि 2020 के हिन्दू विरोधी दंगों का पैटर्न भी ऐसा ही था। अभी सिर्फ मुखौटा बदल गया है।