Friday, November 27, 2020

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IPL में भारी आतिशबाजी पर मौन विराट कोहली ने दीवाली पर दिया ‘लिबरल’ ज्ञान, सोशल मीडिया यूजर्स ने जमकर लताड़ा

18 सेकेंड के इस वीडियो में विराट कोहली ने हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाया। सोशल मीडिया वायरल इस वीडियो को लेकर यूज़र्स जमकर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे है।

शिवराज सिंह के मध्य प्रदेश में पटाखों पर कोई बैन नहीं, ऐलान के बाद नेटिज़न्स ने कहा- ‘मामा जी रॉक्स’

शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि जिन पटाखों पर देवी देवताओं की तस्वीर लगी है, उन्हें प्रतिबंधित किया गया है। यह पूरी तरह हिन्दू समुदाय के लोगों की भावनाओं और आस्था से जुड़ा मसला है।

दीवाली पर Tanishq ने फिर परोसा हिंदू विरोधी प्रोपेगेंडा: सोशल मीडिया पर विरोध के बाद विज्ञापन हटाया

तनिष्क ने एक बार फिर विवादित विज्ञापन बनाया था। जिसमें तनिष्क ने हिन्दू विरोधी एजेंडा परोसते हुए दिवाली को निशाना बनाया था। पिछली बार की तरह इस बार भी तनिष्क के इस विज्ञापन की जम कर आलोचना हुई।

पटाखों पर रोक लेकिन कुर्बानी से ‘प्यार’ और क्रिसमस पर सब OK… नफरत सिर्फ हिंदुओं के त्योहारों से क्यों?

सवाल यह है कि प्रदूषण को लेकर सरकारें साल भर क्यों सोती रहती हैं? पॉल्यूशन का सॉल्यूशन चंद दिनों के बैन से निकलेगा या यह सिर्फ राजनीति?

कर्नाटक: जनता की माँग पर CM येदियुरप्पा ने पटाखों पर लगे पूर्ण प्रतिबंध को आंशिक रूप से हटाया

अब तक, कर्नाटक की ही एकमात्र सरकार है जिसने जनता की भावनाओं का ध्यान रखा है और दिवाली में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाने के अपने निर्णय को वापस लिया है।

पटाखों से प्रदूषण, प्रदूषण से कोरोना इसलिए पटाखे न जलाएँ.. मैं भी पूजा करूँगा- अरविन्द केजरीवाल

केजरीवाल ने एक डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि दिल्ली इस समय कोरोना और प्रदूषण से जंग लड़ रही है। दिवाली पर पटाखे न जलाएँ।

कार्तिक मास: मौसम के बदलाव की सूचना भी पर्व से, सिर्फ सभ्यता-संस्कृति नहीं, छिपे हैं अनगिनत वैज्ञानिक तथ्य

मनुष्य द्वारा ऋतु को बदलते देखना, उसकी रंगत पहचानना, उस रंगत का असर अपने भीतर अनुभव करना पर्व का लक्ष्य है। हमारे पर्व-त्यौहार...

जन्माष्टमी: सम्पूर्णता में जीने का सन्देश – श्री कृष्ण की 16 कलाएँ, उनके ग्वाले से द्वारकाधीश होने की सम्पूर्ण यात्रा

कृष्ण की सोलह कलाएँ उनके विशेष सोलह गुणों से सम्बंधित हैं। जो यदि किसी में हों तो जिस अनुपात में इन गुणों की व्याप्ति होगी उसी अनुपात में...

Holi: कहीं लड्डू मार तो कहीं होली पर लड़की भागकर करती है शादी, लोग अंगारों पर चलकर मनाते हैं रंगोत्सव

ब्रज क्षेत्र में फाल्गुन माह लगते ही होली की शुरूआत हो जाती है, लेकिन इसके सबसे खास बरसाने की लड्डू मार होली और लट्ठ मार होली मानी जाती है। वृंदावन मथुरा और खासकर बरसाना में मनाई जाने वाली लट्ठ मार होली और लड्डू मार होली को देखने के लिए देश-विदेश से लाखों की भीड़ एकत्र होती है।

ब्रज से नहीं, बुंदेलखंड से हुई होली की शुरुआत: अंग्रेजों के षड्यंत्र से आज नहीं मनेगी वहाँ होली!

रंगों के त्योहार होली की शुरुआत बुंदेलखंड के एरच कस्बे से हुई है, जो झाँसी जिले में पड़ता है। चौंक गए ना? दरअसल यही वो कस्बा है, जो कभी असुरराज हिरण्यकश्यप की राजधानी हुआ करता था।

ताज़ा ख़बरें

गरीब कल्याण रोजगार अभियान: प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने में UP की योगी सरकार सबसे आगे

प्रवासी श्रमिकों को काम मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने गरीब कल्याण रोजगार अभियान शुरू किया था। उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।

12वीं शताब्दी में विष्णुवर्धन के शासनकाल में बनी महाकाली की मूर्ति को मिला पुन: आकार, पिछले हफ्ते की गई थी खंडित

मंदिर में जब प्रतिमा को तोड़ा गया तब हालात देखकर ये अंदाजा लगाया गया था कि उपद्रवी मंदिर में छिपे खजाने की तलाश में आए थे और उन्होंने कम सुरक्षा व्यवस्था देखते हुए मूर्ति तोड़ डाली।

कॉन्ग्रेस का कोढ़ है धर्मांतरण, रोकने को देर से बने कानून कितने दुरुस्त?

जिस विषय में संविधान निर्माताओं को 1949 से पता था, उस पर कानून बनाने में इतनी देर आखिर क्यों? नियम बनने शुरू भी हुए हैं तो क्या ये काफी हैं, या हमें बहुत देर से और बहुत थोड़ा देकर बहलाया जा रहा है?

FIR में अर्णब पर लगाए आरोप साबित नहीं कर पाई मुंबई पुलिस: SC ने बॉम्बे हाई कोर्ट को भी लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए यह भी कहा कि आपराधिक कानून, उत्पीड़न का औजार नहीं बनना चाहिए, जमानत मानवता की अभिव्यक्ति है।

संघियों-मनुवादियों को खत्म करने के लिए लश्कर-तालिबान से मदद की ग्राफिटी: मेंगलुरु की सड़कों पर खुलेआम चेतावनी

26/11 हमलों की बरसी के मौके पर मेंगलुरु की दीवारों पर भयावह बातें लिखी (ग्राफिटी) हुई थीं। जिसमें चेतावनी दी गई थी कि ‘संघी और मनुवादियों’ को ख़त्म करने के लिए लश्कर-ए-तैय्यबा और तालिबान की मदद ली जा सकती है।

प्रचलित ख़बरें

‘उसे मत मारो, वही तो सबूत है’: हिंदुओं संजय गोविलकर का एहसान मानो वरना 26/11 तुम्हारे सिर डाला जाता

जब कसाब ने तुकाराम को गोलियों से छलनी कर दिया तो साथी पुलिसकर्मी आवेश में आ गए। वे कसाब को मार गिराना चाहते थे। लेकिन, इंस्पेक्टर गोविलकर ने ऐसा नहीं करने की सलाह दी। यदि गोविलकर ने उस दिन ऐसा नहीं किया होता तो दुनिया कसाब को समीर चौधरी के नाम से जानती।

फैक्टचेक: क्या आरफा खानम घंटे भर में फोटो वाली बकरी मार कर खा गई?

आरफा के पाँच बज कर दस मिनट वाले ट्वीट के साथ एक ट्वीट छः बज कर दस मिनट का था, जिसके स्क्रीनशॉट को कई लोगों ने एक दूसरे को व्हाट्सएप्प पर भेजना शुरु किया। किसी ने यह लिखा कि देखो जिस बकरी को सीने से चिपका कर फोटो खिंचा रही थी, घंटे भर में उसे मार कर खा गई।

हाथ में कलावा, समीर चौधरी नाम की ID: ‘हिंदू आतंकी’ की तरह मरना था कसाब को – पूर्व कमिश्नर ने खोला राज

"सभी 10 हमलावरों के पास फर्जी हिंदू नाम वाले आईकार्ड थे। कसाब को जिंदा रखना पहली प्राथमिकता थी। क्योंकि वो 26/11 मुंबई हमले का सबसे बड़ा और एकलौता सबूत था। उसे मारने के लिए ISI, लश्कर-ए-तैयबा और दाऊद इब्राहिम गैंग ने..."

जहाँ बहाया था खून, वहीं की मिट्टी पर सर रगड़ बोला भारत माता की जय: मुर्दों को देख कसाब को आई थी उल्टी

पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया सुबह साढ़े चार बजे कसाब से कहते हैं कि वो अपना माथा ज़मीन से लगाए... और उसने ऐसा ही किया। इसके बाद जब कसाब खड़ा हुआ तो मारिया ने कहा, “भारत माता की जय बोल” कसाब ने फिर ऐसा ही किया। मारिया दोबारा भारत माता की जय बोलने के लिए कहते हैं तो...

‘कबीर असली अल्लाह, रामपाल अंतिम पैगंबर और मुस्लिम असल इस्लाम से अनजान’: फॉलोवरों के अजीब दावों से पटा सोशल मीडिया

साल 2006 में रामपाल के भक्तों और पुलिसकर्मियों के बीच हिंसक झड़प हुई थी जिसमें 5 महिलाओं और 1 बच्चे की मृत्यु हुई थी और लगभग 200 लोग घायल हुए थे। इसके बाद नवंबर 2014 में उसे गिरफ्तार किया गया था।

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