NCRB के अनुसार नक्सलियों ने 2017 में 652 आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया था। जिहादी और आतंकवादी वारदातें 377 हुईं और उत्तर पूर्व के उग्रवादियों ने 421 अपराध किए थे।
शाह ने आज के पेपर फॉर्मेट की जगह डिजिटल पर जोर देते हुए कहा कि ऐसा होने से मुख्यालय को यह देखने में आसानी रहेगी कि जवानों की तैनाती का रोटेशन इस प्रकार से हो रहा है या नहीं, जिससे वे प्रतिवर्ष 100 दिन अपने परिवार के साथ व्यतीत कर सकें।
"जब तक अपील करने का समय है, तब तक किसी को विदेशी नहीं माना जाएगा। राज्य सरकार कानूनी समर्थन का विस्तार करेगी। सरकार इन लोगों की परेशानियों पर ध्यान देगी और यह देखेगी कि उनका किसी तरह का उत्पीड़न न हो।"
मेजर पूनिया ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि कॉल करने वाले ने धमकी दी है कि अगर उन्होंने भारत-पाक से संबंधित ट्वीट करने बंद नहीं किए तो वो उनकी अश्लील वीडियो वायरल कर देंगे।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि फेक न्यूज़ फैला रहे ट्विटर हैंडल्स को पाकिस्तानी एजेंसी ISI और पाक फ़ौज ऑपरेट कर रही है। कश्मीर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल स्वयं प्रकाश ने बताया कि ये ट्विटर हैंडल्स जम्मू-कश्मीर से ऑपरेट नहीं किए जा रहे हैं।
अलगाववादी संगठन ने भारत के संविधान के प्रति आस्था जताई। संगठन के नेताओं ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुलाकात की। NLFT-SD के सभी उग्रवादियों ने मुख्यधारा में लौटने की बात कहते हुए हथियार छोड़ने का संकल्प लिया।
गृह मंत्रालय ने अपने ट्वीट में कहा कि रायटर्स और डॉन में छपी खबरों में इस तरह के दावे किए गए कि श्रीनगर में 10,000 लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। यह पूरी तरह मनगढ़ंत है। श्रीनगर और बारामूला में छिटपुट प्रदर्शन हुए, लेकिन इसमें 20 से अधिक लोग नहीं थे।
गृहमंत्री शाह ने विशेष रूप से पूर्वोत्तर भारत में घुसपैठ की समस्या का समाधान खोजने के मद्देनजर सीमा पार के लोगों से इस विषय पर भारत की चिंता को साझा किया है। जिसके बाद दोनों देशों के गृह मंत्रियों ने सीमा पार अपराधों के खतरे को रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया।
फारूक अब्दुल्ला ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात का वक्त माँगा है। महबूबा मुफ्ती ने अनुच्छेद 35A की रक्षा के लिए अपने धुर राजनीतिक विरोधी फारूक अब्दुल्ला से साथ देने का आग्रह किया है। घाटी में अफवाह फैली रही है कि...
गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए निर्देश में राज्य के सभी जिले के पुलिस अधिकारियों को घाटी में मौजूद मस्जिदों से जुड़ी जानकारियाँ, उनकी लोकेशन, उनके प्रशासन, उनकी फंडिंग आदि की जानकारी भेजने के आदेश दिए गए हैं।