मस्जिदों की डिटेल पर J&K में हलचल: कोई PM से मिलेगा, किसी ने राजनीतिक विरोधी से मिलाया हाथ

"अगर कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर अफवाह फैला रहा है, तो इसका जवाब देना जरूरी नहीं है। इस अफवाह का सोर्स क्या है?"

जम्‍मू कश्‍मीर में 10 हजार अति‍र‍िक्‍त जवानों की तैनाती के बाद प्रशासन ने मस्‍ज‍िदों की जानकारी माँगी है। इसके बाद से ही घाटी में आशंका का माहौल शुरू हो गया है। श्रीनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हसीब मुगल की ओर से जारी आदेश में पाँच जोन के पुलिस अधीक्षकों से कहा गया है कि वो अपने संबंधित क्षेत्रों की मस्जिदों और उनके प्रबंधन की पूरी जानकारी एक बंद लिफाफे में जल्द से जल्द मुहैया कराएँ, ताकि उसे उच्च अधिकारियों तक पहुँचाया जा सके।

एसएसपी हसीब मुगल ने इसे रुटीन एक्सरसाइज बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल थानों की बेसिक बीट बुक को अपडेट करने के लिए किया जा रहा है। ऐसा समय-समय पर किया जाता है। हालाँकि, उन्होंने ये भी कहा कि इस पत्र को जारी करने का सही समय नहीं है। उनका कहना है कि घाटी में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती के आदेश से लोग पहले ही सशंकित हैं और इस चिट्ठी से उनकी चिंताएँ बढ़ सकती हैं।

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर का स्क्रीनशॉट

वहीं, गृह मंत्रालय द्वारा जारी इस आदेश के बाद घाटी में राजनीतिक पार्टियों के बीच हलचल काफी बढ़ गई है, उनके ट्वीट और बयान को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि इनकी बेचैनी कितनी ज्यादा बढ़ी हुई है। घाटी में आशंका का माहौल शुरू हो गया है। कहा जा रहा है कि बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार प्रदेश को लेकर कोई अहम फैसला ले सकती है। वहाँ की सियासी पार्टियों ने केंद्र सरकार से पूरी स्थिति साफ करने की माँग की है। नैशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात का वक्त भी माँगा है। 

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

दरअसल, सेना की अतिरिक्त तैनाती के बाद ये अफवाह फैली कि सरकार राज्य से 35A को खत्म करने वाली है। जिसके बाद से पिछले कुछ दिनों से कश्मीर में सियासी पार्टियों के बीच काफी घबराहट की स्थिति है। राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने अनुच्छेद 35A की रक्षा के लिए अपने धुर राजनीतिक विरोधी फारूक अब्दुल्ला से साथ देने का आग्रह किया है। महबूबा मुफ्ती ने सोमवार (जुलाई 29, 2019) को कहा कि उन्होंने प्रदेश के विशेष दर्जे की रक्षा के लिए फारूक अब्दुल्ला से सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया है।

इस बीच, जम्मू कश्मीर की मस्जिदों को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मैसेज पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक के सलाहकार विजय कुमार ने एएनआई से बात करते हुए कहा, “अगर कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर अफवाह फैला रहा है, तो इसका जवाब देना जरूरी नहीं है। इस अफवाह का सोर्स क्या है? मेरे लिए यह उचित नहीं होगा कि मैं हर बार इसका जवाब दूँ।”

वहीं, सरकार के फैसले पर आग उगलने वालों को जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सूबे में 10,000 अतिरिक्त जवानों को सिक्यॉरिटी ड्रिल के तहत तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि इसका कोई विशेष मकसद नहीं है, लेकिन जनाधार खोने से डरे नैशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी बेवजह शोर मचा रहे हैं।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

नितिन गडकरी
गडकरी का यह बयान शिवसेना विधायक दल में बगावत की खबरों के बीच आया है। हालॉंकि शिवसेना का कहना है कि एनसीपी और कॉन्ग्रेस के साथ मिलकर सरकार चलाने के लिए उसने कॉमन मिनिमम प्रोग्राम का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

113,096फैंसलाइक करें
22,561फॉलोवर्सफॉलो करें
119,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: