स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की शुरुआत तनावपूर्ण रही। दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए ईरान को धमकी दे दी थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने दोनों देशों के बीच संघर्ष खत्म करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर कर दिए हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका के बिना इजराइल का अस्तित्व ही नहीं होता। उन्होंने लेबनान पर जारी इजरायली हमले को लेकर कहा कि बीबी को ज्यादा जिम्मेदार होना होगा।
इजरायल ने कहा है कि वह ट्रंप के समझौते को मानने के लिए बाध्य नहीं है और इजरायल कोई बनाना रिपब्लिक नहीं है। इजरायली रक्षा मंत्री ने समझौते पर अपनी प्रतिक्रया दी है।
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है। इसके तहत हॉर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी दोनों देश खत्म करेंगे। घोषणा के बाद तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।