Tuesday, June 25, 2024
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जिस हेलीकॉप्टर में 8 लोगों के साथ सवार थे ईरान के राष्ट्रपति, उसका मलबा अजरबैजान की पहाड़ियों में मिला: सभी सवारों के मौत की आशंका

जहाँ हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ, वहाँ घना कोहरा था और कुछ भी दिख नहीं रहा था। ईरान की सरकार ने राष्ट्रपति रईसी के गायब होने की सूचना के बाद देशवासियों से उनकी सुरक्षा के लिए प्रार्थना करने की अपील की थी। राजधानी तेहरान समेत देश की तमाम मस्जिदों में राष्टपति रईसी के लिए नमाज पढ़ी जा रही है।

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी को एक आयोजन से वापस लेकर आ रहा एक हेलीकॉप्टर रविवार (19 मई, 2024) को दुर्घटना का शिकार हो गया। यह दुर्घटना ईरान के पूर्वी अज़रबैजान प्रांत में हुई। दुर्घटना के बाद से राष्ट्रपति रईसी के विषय में कोई जानकारी नहीं है। उनकी मौत की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति रईसी पूर्वी अजरबैजान प्रांत में एक बाँध का उद्घाटन करने गए थे। उनके साथ ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दोल्लाहियान भी थे। इसके अलावा और भी दो महत्वपूर्ण नेता राष्ट्रपति रईसी के साथ थे। हेलीकॉप्टर में कुल 9 लोग थे। राष्ट्रपति रईसी के काफिले में दो और हेलीकॉप्टर थे, जो कि सुरक्षित रूप से पहुँच गए।

रईसी के हेलीकॉप्टर के साथ दुर्घटना की सूचना के बाद सेना समेत राहत बचाव टीमें उन्हें ढूढ़ने में लग गईं। रईसी के हेलीकॉप्टर की लोकेशन काफी समय तक ढूंढी नहीं जा सकी। हालाँकि, कई घंटों की मेहनत के बाद हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने वाली जगह तक टीमे पहुँच पाई।

बताया गया है कि जहाँ हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ, वहाँ घना कोहरा था और कुछ भी दिख नहीं रहा था। ईरान की सरकार ने राष्ट्रपति रईसी के गायब होने की सूचना के बाद देशवासियों से उनकी सुरक्षा के लिए प्रार्थना करने की अपील की थी। राजधानी तेहरान समेत देश की तमाम मस्जिदों में राष्टपति रईसी के लिए नमाज पढ़ी जा रही है।

बताया गया है कि कुछ टीमें हेलीकॉप्टर के दुर्घटना ग्रस्त होने वाली जगह पर पहुँची हैं और उन्हें यहाँ कोई भी जीवित नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि हेलीकॉप्टर पूरी तरह जल चुका है। हेलीकॉप्टर तक पहुँचने के लिए तुर्की के एक ड्रोन का सहारा लिया गया, जिसमें एक जगह से धुआँ उठता दिखता है।

दुर्घटनास्थल पर पहुँची राहत बचाव टीमों ने बताया है कि राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर का पूरा केबिन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है। किसी के भी जीवित बचने की सम्भावना नजर नहीं आ रही है। शवों के विषय में कोई जानकारी सामने नहीं आई है। अभी आधिकारिक रूप से रईसी और उनके विदेश मंत्री की मृत्यु या घायल होने के विषय में कोई पुष्टि नहीं की गई है।

बताया गया कि रईसी का जो हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ है, वह बेल कम्पनी द्वारा निर्मित 212 मॉडल था। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि 1979 के बाद ईरान पर जारी प्रतिबंधों के कारण नए कोई हेलीकॉप्टर ईरान को नहीं मिल सकते थे, ऐसे में यह हेलीकॉप्टर काफी पुराना हो सकता है।

रईसी 2021 में ईरान के राष्ट्रपति बने थे और उनकी भूमिका गाजा में युद्ध छिड़ने के बाद से और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। रईसी की आयु 63 वर्ष थी और राष्ट्रपति बनने से पहले वह ईरान में की महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। वह ईरान की न्यायपालिका में ख़ासा दखल रखते हैं।

रईसी को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह खामनेई का उत्तराधिकारी माना जाता है, ईरान में सुप्रीम लीडर ही सर्वोच्च्च होता है और उसे राष्ट्रपति से भी अधिक शक्तियाँ प्राप्त हैं। रईसी के साथ हुई दुर्घटना के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी संवेदना प्रकट की है।

उन्होंने एक्स(पहले ट्विटर) पर लिखा, “आज राष्ट्रपति रईसी की हेलीकॉप्टर दुर्घटना के संबंध में आई रिपोर्टों से अत्यधिक चिंतित हों। हम संकट के इस समय में ईरानी लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं और उनकी सुरक्षा के प्रार्थना करते हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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