जिस महिला के फ़्लैट में यह जमावड़ा लगा था उसकी मालकिन का कहना है कि उनकी बेटी लम्बे समय से बीमार थी। इसी बीमारी से निजात पाने के लिए उन्होंने घर में कुरान ख्वानी का कार्यक्रम रखा था।
भरूच के नर्मदा विद्यालय में यूनिट टेस्ट में बच्चों से कुछ प्रश्न पूछे गए जो कि इस्लाम से संबंधित थे। इसे देख अभिभावकों ने और सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाया कि ये क्या पढ़ाई है।
हिमंता ने यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मेघालय (यूएसटीएम) को फ्लड जिहाद के लिए जिम्मेदार बताया है, साथ ही कहा है कि इस यूनिवर्सिटी का गेट मक्का की तरह बनाया गया है।