स्वामी गोविन्द गिरी ने बताया था कि उस समय उन्हें आश्चर्य हुआ, जब प्राण प्रतिष्ठा के लिए जरूरी नियम एवं व्रत के बारे में प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे जानकारी माँगी।
टॉयलेट, बाथरूम, रेस्ट रूम, किचन, कपड़े धोने और सुखाने, रोजाना खाना पकाने और भोजन की खपत के साथ ही मदरसे को मस्जिद से अलग करने के निर्माण से प्राचीन स्मारक की जटिल नक्काशी को नुकसान पहुँच रहा है।