Homeदेश-समाजप्राण-प्रतिष्ठा के उत्सव में डूबे थे हिन्दू… बुर्काधारी महिला लगाने लगी अल्लाह-हू-अकबर के नारे:...

प्राण-प्रतिष्ठा के उत्सव में डूबे थे हिन्दू… बुर्काधारी महिला लगाने लगी अल्लाह-हू-अकबर के नारे: अब्बा बोले- बेटी मानसिक रूप से बीमार है

कर्नाटक के शिवमोगा में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर उत्सव मना रहे हिन्दुओं के बीच एक महिला ने घुस कर अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाए। उसने यहाँ लोगों को भड़काने वाली बातें भी कहीं। महिला को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

कर्नाटक के शिवमोगा में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर उत्सव मना रहे हिन्दुओं के बीच एक महिला ने घुस कर अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाए। उसने यहाँ लोगों को भड़काने वाली बातें भी कहीं। महिला को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

जानकारी के अनुसार, कर्नाटक के शिवमोगा में हिन्दू कार्यकर्ता अयोध्या के राम मंदिर में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर उत्सव मनाने को इकट्ठा हुए थे। यह कार्यक्रम शिवमोगा के शिवप्पा नायक चौक पर हो रहा था। यहाँ एकत्रित हुए हिन्दू ‘जय श्रीराम’ के नारे लगा रहे थे।

इसी दौरान एक बुर्के वाली महिला आई और लोगों से बहस करने लगी। महिला ने इस दौरान भक्तों के बीच में अल्लाह-हू-अकबर के नारे भी लगाए। बताया गया कि यह महिला एक बाइक पर यहाँ पहुँची थी और साथ में एक बच्चे को लिए हुए थी। हिन्दू कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि महिला यहाँ साम्प्रादायिक सौहार्द बिगाड़ने आई थी।

यहाँ मौजूद इस महिला ने प्रधानमंत्री मोदी और हिन्दू भक्तों के खिलाफ भी उलटी सीधी बातें कीं। इसका वीडियो भी सामने आया है। वहीं महिला के घरवालों ने उसको बचाने के लिए बताया है कि महिला मानसिक रूप से अस्थिर है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने इस महिला को मौके से हटा कर हिरासत में लिया है। शिवमोगा के एसपी ने बताया, “शिवप्पा नायक चौक पर हिन्दू कार्यकर्ता राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर प्रसाद तैयार कर रहे थे। इस दौरान यह महिला यहाँ पहुँची और फोटो लिए फिर अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाने लगी और प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपमानजनक बातें करने लगी। यहाँ इसके जवाब में हिन्दू कार्यकर्ताओं ने ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने महिला को यहाँ से हटा दिया और अपने साथ थाने ले गई।”

बता दें कि पुलिस महिला को अपने साथ ले गई है लेकिन गिरफ्तारी न होने पर हिन्दू कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी जताई है। मामले में रिपोर्ट भी दर्ज न किए जाने की बात सामने आई है। वहीं महिला के अब्बा ने दावा किया है कि वह मानसिक रूप से बीमार है और उसका कुछ समय से इलाज चल रहा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सोनम वांगचुक अस्पताल में भर्ती, CJP ने ‘अपहरण’ और अज्ञात स्थान पर ले जाने का किया दावा, अभिजीत दिपके ने हिरासत को लेकर लगाए...

सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद विवाद बढ़ा। सीजेपी के दावों, पुलिस कार्रवाई और 20 जुलाई के संसद मार्च को लेकर सियासत तेज।

‘वंदे मातरम’ का अपमान किया तो होगी 3 साल की जेल… मुस्लिमों के दबाव में नेहरू ने जिस राष्ट्रीय गीत का किया ‘अपमान’, उसे...

साल 1937 में नेहरू की नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस सरकार ने सार्वजनिक प्रोग्राम में वंदे मातरम के केवल शुरुआती दो अंतरे ही गाने का फैसला किया था।
- विज्ञापन -