क्या था फेक न्यूज़? बलात्कार, हत्या, नग्न लाश, टूटी हड्डियाँ, आँख-नाक से बहता खून, हड़बड़ी में अंतिम संस्कार, प्रिंसिपल का तुरंत स्थानांतरण, FIR में देरी, गुंडों का अस्पताल में घुसना - इनमें से क्या था फेक न्यूज़?
पत्रिका 'लहरों की बरखा' चलाने वाले मदन सिंह ने इस मामले को उठाया तो उनकी हत्या कर दी गई। कई पीड़िताएँ सामाजिक कारणों से बाद में मुकर गईं। कई अब तक दादी बन चुकी हैं।