कम्युनिस्ट पार्टी की नेता ने बेशर्मी दिखाते हुए उसकी तुलना 'लघु दृष्टि' के मरीज से कर दी और कहा कि उन्होंने काफी कुछ कहा, लेकिन उसने सिर्फ राम मंदिर को लेकर बातें सुनी।
वामपंथी प्रोपगैंडा पोर्टल द वायर पर छपे लेख में प्रोफ़ेसर पार्थो सारथी रे का दावा है कि श्रीराम मंदिर की तर्ज पर बना पूजा पंडाल सही नहीं है। जिसके बाद वायर के आर्थिक बहिष्कार की अपील हो रही है।