इंडिया टुडे ने स्टिंग कर दावा किया था कि वंदे भारत के तहत टिकट के लिए एजेंट्स मनमाने पैसे वसूल रहे हैं। हरदीप सिंह ने बताया कि ऐसे लोगों पर काफी पहले कार्रवाई हो चुकी है।
प्रशांत भूषण के मामले में तमाम वाम-उदारवादी वर्ग 'ऑड-इवन' की तर्ज पर इस बार SC के फैसले से नाराज नजर आ रहा है और प्रशांत भूषण को दोषी ठहराए जाने पर SC की गरिमा पर सवालिया निशान लगाते हुए नजर आ रहा है।
“लोगों ने पुलिस पर अपना भरोसा खो दिया है। सार्वजनिक संस्थानों, IPS अधिकारियों पर सवाल उठ रहे हैं, चाहे वह मुंबई हो या बिहार पुलिस। क्या वे वास्तव में निष्पक्ष जाँच कर रहे हैं? सुशांत सिंह राजपूत इतने बड़े स्टार नहीं थे कि मुंबई पुलिस पर इतना दबाव डाला जाए।"
बंगाल भाजपा के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय ने टाइम्स नाउ की उस रिपोर्ट को बकवास बताया है जिसमें राज्य के 21 पार्टी नेताओं के टीएमसी में शामिल होने का दावा किया गया था।
अभी तक यह नहीं बताया गया है कि पाकिस्तानी चैनल पर यह वीडियो कितने समय तक प्रसारित होता रहा। इस बीच डॉन न्यूज ने उर्दू में ट्वीट कर रहा है कि डॉन प्रशासन ने मामले की तत्काल जाँच के आदेश दिए हैं।
बरखा दत्त ने सुशांत सिंह की थेरेपिस्ट के इस बयान से ठीक एक दिन पहले एक ट्वीट में लिखा था कि जिस तरह उनकी जिंदगी से संबंधित मुद्दों पर बात हो रही है उस पर उन्हें दुःख है।