Friday, November 27, 2020
Home फ़ैक्ट चेक मीडिया फ़ैक्ट चेक 'गलवान में चोट लगने से हुई हवलदार बिशन सिंह की मौत': हिंदुस्तान टाइम्स के...

‘गलवान में चोट लगने से हुई हवलदार बिशन सिंह की मौत’: हिंदुस्तान टाइम्स के दावे को पीआईबी ने नकारा

पीआईबी ने हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि बिशन सिंह की मृत्यु अन्य स्वास्थ्य कारणों से हुई है, न कि गलवान घाटी में चीन के सैनिकों के साथ हुए टकराव के बाद आई चोटों की वजह से।

हिंदुस्तान टाइम्स ने हवलदार बिशन सिंह की मौत को लेकर जो दावा किया था उसे सोमवार (17 अगस्त 2020) को प्रेस इन्फोर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) ने खारिज कर दिया है। हिंदुस्तान टाइम्स में 16 अगस्त 2020 को प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया था गलवान घाटी में चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच टकराव के दौरान चोटें आने से 42 साल के बिशन सिंह की मौत हो गई।  

पीआईबी ने इसे गलत बताते हुए कहा कि बिशन सिंह की मौत का कारण चोटें नहीं थी। लेह के सैनिक अस्पताल में बिशन सिंह का इलाज चल रहा था। 6 अगस्त को उन्हें चंडीगढ़ के सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हवलदार सिंह मूल रूप से पिथौरागढ़ के बंगपानी के रहने वाले थे। रविवार 16 अगस्त को हल्द्वानी, नैनीताल के रानीबाग़ में उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।

पीआईबी ने हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि बिशन सिंह की मृत्यु अन्य स्वास्थ्य कारणों से हुई है, न कि गलवान घाटी में चीन के सैनिकों के साथ हुए टकराव के बाद आई चोटों की वजह से। पीआईबी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर इस घटना से संबंधित जानकारी दी।  

इसके पहले भी हिंदुस्तान टाइम्स गलत तथ्यों पर आधारित ख़बरें प्रकाशित कर चुका है। मई में हिंदुस्तान टाइम्स ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसमें ऐसा कहा गया था एक प्रवासी बच्चे की मौत हो गई, जब उसके पिता रेलवे स्टेशन पर दूध की तलाश कर रहे थे। इस खबर में दावा किया गया था कि मूल रूप से बिहार का रहने वाला 4 साल का बच्चा स्टेशन पर भूख की वजह से मर गया। इस दौरान उसके पिता दूध और कुछ खाने का सामान खोज रहे थे। हिंदुस्तान टाइम्स ने अपनी ख़बर में बच्चे की मौत का कारण भूख बताया।  

इस ख़बर के चर्चा में आने के बाद रेलवे ने इसका असल पहलू बताया। रेलवे ने बताया कि वह बच्चे पहले से ही काफी बीमार था। इलाज करवाने के बाद श्रमिक स्पेशल ट्रेन में दिल्ली से अपने घर बिहार जा रहा था। रेलवे ने यह भी बताया कि बच्चे की मृत्यु ट्रेन से उतरने के 5 घंटे बाद हुई थी। इन बातों से यह साफ़ होता है कि बच्चे की मौत का कारण भूख नहीं थी।    

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

FIR में अर्णब पर लगाए आरोप साबित नहीं कर पाई मुंबई पुलिस: SC ने बॉम्बे हाई कोर्ट को भी लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए यह भी कहा कि आपराधिक कानून, उत्पीड़न का औजार नहीं बनना चाहिए, जमानत मानवता की अभिव्यक्ति है।

मसूद की फौज दर्रे में घुसती और दो टुकड़े कर डालते मराठा: शिवा नाई, बाजी और शिवाजी के विशालगढ़ पहुँचने की गाथा

"मेरे बहादुरों। हमारे राजा जब तक गढ़ न पहुँच जाए, तब तक एक भी शत्रु इस दर्रे से होकर नहीं गुजरना चाहिए। मराठी आन की लाज हमारे हाथों में है। हर हर महादेव!"

BMC ने बदले की भावना से तोड़ा कंगना रनौत का ऑफिस, नुकसान की करे भरपाई: बॉम्बे HC ने लगाई फटकार

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि बीएमसी को कंगना रनौत के ऑफिस में की गई तोड़फोड़ के लिए हर्जाना देना होगा। हाईकोर्ट ने कंगना के ऑफिस के नुकसान का आकलन करने के आदेश भी दिए हैं।

मैं नपुंसक नहीं.. हिंदुत्व का मतलब पूजा-पाठ या मंदिर का घंटा बजाना नहीं, फ़ोर्स किया तो हाथ धोकर पीछे पड़ जाऊँगा: उद्धव ठाकरे

साक्षत्कार में उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्हें विरोधियों के पीछे पड़ने को मजबूर ना किया जाए। इसके साथ ही ठाकरे ने कहा कि हिंदुत्व का मतलब मंदिर का घंटा बजाना नहीं है।

देखिए 48 घंटों में द वायर ‘मोदी की रैली में कोई नहीं आता’ से ‘बिहार में मोदी को सब चाहते हैं’ कैसे पहुँच गया

द वायर सरीखे एजेंडापरस्त मीडिया समूहों के लिए इस श्रेणी का गिरगिटनुमा विश्लेषण या दावा कोई नई बात नहीं है। प्रोपेगेंडा ही इनका एकमात्र उद्देश्य है भले उसके लिए स्क्रीन पर कुछ अनर्गल ही क्यों न परोसना पड़े।

दिल्ली दंगा-2020: सार्वजनिक स्थानों पर दिल्ली पुलिस लगाएगी 20 दंगाइयों की तस्वीरें, जानकारी देने वालों को ईनाम

बहुत जल्द दिल्ली पुलिस द्वारा राजधानी के अनेक इलाकों में दिल्ली दंगों के इन 20 आरोपितों की तस्वीरें सार्वजनिक स्थानों पर लगा दी जाएगी।

प्रचलित ख़बरें

‘उसे मत मारो, वही तो सबूत है’: हिंदुओं संजय गोविलकर का एहसान मानो वरना 26/11 तुम्हारे सिर डाला जाता

जब कसाब ने तुकाराम को गोलियों से छलनी कर दिया तो साथी पुलिसकर्मी आवेश में आ गए। वे कसाब को मार गिराना चाहते थे। लेकिन, इंस्पेक्टर गोविलकर ने ऐसा नहीं करने की सलाह दी। यदि गोविलकर ने उस दिन ऐसा नहीं किया होता तो दुनिया कसाब को समीर चौधरी के नाम से जानती।

फैक्टचेक: क्या आरफा खानम घंटे भर में फोटो वाली बकरी मार कर खा गई?

आरफा के पाँच बज कर दस मिनट वाले ट्वीट के साथ एक ट्वीट छः बज कर दस मिनट का था, जिसके स्क्रीनशॉट को कई लोगों ने एक दूसरे को व्हाट्सएप्प पर भेजना शुरु किया। किसी ने यह लिखा कि देखो जिस बकरी को सीने से चिपका कर फोटो खिंचा रही थी, घंटे भर में उसे मार कर खा गई।

हाथ में कलावा, समीर चौधरी नाम की ID: ‘हिंदू आतंकी’ की तरह मरना था कसाब को – पूर्व कमिश्नर ने खोला राज

"सभी 10 हमलावरों के पास फर्जी हिंदू नाम वाले आईकार्ड थे। कसाब को जिंदा रखना पहली प्राथमिकता थी। क्योंकि वो 26/11 मुंबई हमले का सबसे बड़ा और एकलौता सबूत था। उसे मारने के लिए ISI, लश्कर-ए-तैयबा और दाऊद इब्राहिम गैंग ने..."

जहाँ बहाया था खून, वहीं की मिट्टी पर सर रगड़ बोला भारत माता की जय: मुर्दों को देख कसाब को आई थी उल्टी

पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया सुबह साढ़े चार बजे कसाब से कहते हैं कि वो अपना माथा ज़मीन से लगाए... और उसने ऐसा ही किया। इसके बाद जब कसाब खड़ा हुआ तो मारिया ने कहा, “भारत माता की जय बोल” कसाब ने फिर ऐसा ही किया। मारिया दोबारा भारत माता की जय बोलने के लिए कहते हैं तो...

‘कबीर असली अल्लाह, रामपाल अंतिम पैगंबर और मुस्लिम असल इस्लाम से अनजान’: फॉलोवरों के अजीब दावों से पटा सोशल मीडिया

साल 2006 में रामपाल के भक्तों और पुलिसकर्मियों के बीच हिंसक झड़प हुई थी जिसमें 5 महिलाओं और 1 बच्चे की मृत्यु हुई थी और लगभग 200 लोग घायल हुए थे। इसके बाद नवंबर 2014 में उसे गिरफ्तार किया गया था।

‘माझ्या कक्कानी कसाबला पकड़ला’ – बलिदानी ओंबले के भतीजे का वो गीत… जिसे सुन पुलिस में भर्ती हुए 13 युवा

सामने वाले के हाथों में एके-47... लेकिन ओंबले बिना परवाह किए उस पर टूट पड़े। ट्रिगर दबा, गोलियाँ चलीं लेकिन ओंबले ने कसाब को...

FIR में अर्णब पर लगाए आरोप साबित नहीं कर पाई मुंबई पुलिस: SC ने बॉम्बे हाई कोर्ट को भी लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए यह भी कहा कि आपराधिक कानून, उत्पीड़न का औजार नहीं बनना चाहिए, जमानत मानवता की अभिव्यक्ति है।

संघियों-मनुवादियों को खत्म करने के लिए लश्कर-तालिबान से मदद की ग्राफिटी: मेंगलुरु की सड़कों पर खुलेआम चेतावनी

26/11 हमलों की बरसी के मौके पर मेंगलुरु की दीवारों पर भयावह बातें लिखी (ग्राफिटी) हुई थीं। जिसमें चेतावनी दी गई थी कि ‘संघी और मनुवादियों’ को ख़त्म करने के लिए लश्कर-ए-तैय्यबा और तालिबान की मदद ली जा सकती है।

हिन्दू युवती के पिता का आरोप मुश्ताक मलिक के परिवार ने किया अपहरण: पुलिस ने नकारा ‘लव जिहाद’ एंगल, जाँच जारी

युवती के घर वालों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने फैज़ल, इरशाद, सोनू, हिना, लाइबा और मुश्ताक मलिक पर अपहरण के दौरान मदद करने के लिए मामला दर्ज कर लिया है।

मसूद की फौज दर्रे में घुसती और दो टुकड़े कर डालते मराठा: शिवा नाई, बाजी और शिवाजी के विशालगढ़ पहुँचने की गाथा

"मेरे बहादुरों। हमारे राजा जब तक गढ़ न पहुँच जाए, तब तक एक भी शत्रु इस दर्रे से होकर नहीं गुजरना चाहिए। मराठी आन की लाज हमारे हाथों में है। हर हर महादेव!"

टोटल 7 हैं भाई, पर भौकाल ऐसा जैसे यही IIMC हों: क्यों हो रहा दीपक चौरसिया का विरोध?

IIMC में दीपक चौरसिया को बुलाए जाने का कुछ नए छात्र विरोध कर रहे हैं। कुछ पुराने छात्र इनके समर्थन में आगे आए हैं।

ये कौन से किसान हैं जो कह रहे ‘इंदिरा को ठोका, मोदी को भी ठोक देंगे’, मिले खालिस्तानी समर्थन के प्रमाण

मीटिंग 3 दिसंबर को तय की गई है और हम तब तक यहीं पर रहने वाले हैं। अगर उस मीटिंग में कुछ हल नहीं निकला तो बैरिकेड तो क्या हम तो इनको (शासन प्रशासन) ऐसे ही मिटा देंगे।

BMC ने बदले की भावना से तोड़ा कंगना रनौत का ऑफिस, नुकसान की करे भरपाई: बॉम्बे HC ने लगाई फटकार

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि बीएमसी को कंगना रनौत के ऑफिस में की गई तोड़फोड़ के लिए हर्जाना देना होगा। हाईकोर्ट ने कंगना के ऑफिस के नुकसान का आकलन करने के आदेश भी दिए हैं।

ममता से असंतुष्ट मंत्री सुवेंदु अधिकारी ने छोड़ा HRBC चेयरमैन का पद, विधान सभा चुनाव से पहले TMC छोड़ने की अटकलें तेज

सुवेंदु अधिकारी अपने गृह जिले पूर्वी मिदनापुर के अलावा पश्चिमी मिदनापुर, बांकुरा, पुरुलिया, झारग्राम और बीरभूम जिले के कुछ भागों में करीब 35 से 40 विधानसभा सीटों पर अपना प्रभाव रखते हैं।

मैं नपुंसक नहीं.. हिंदुत्व का मतलब पूजा-पाठ या मंदिर का घंटा बजाना नहीं, फ़ोर्स किया तो हाथ धोकर पीछे पड़ जाऊँगा: उद्धव ठाकरे

साक्षत्कार में उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्हें विरोधियों के पीछे पड़ने को मजबूर ना किया जाए। इसके साथ ही ठाकरे ने कहा कि हिंदुत्व का मतलब मंदिर का घंटा बजाना नहीं है।

देखिए 48 घंटों में द वायर ‘मोदी की रैली में कोई नहीं आता’ से ‘बिहार में मोदी को सब चाहते हैं’ कैसे पहुँच गया

द वायर सरीखे एजेंडापरस्त मीडिया समूहों के लिए इस श्रेणी का गिरगिटनुमा विश्लेषण या दावा कोई नई बात नहीं है। प्रोपेगेंडा ही इनका एकमात्र उद्देश्य है भले उसके लिए स्क्रीन पर कुछ अनर्गल ही क्यों न परोसना पड़े।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,429FollowersFollow
358,000SubscribersSubscribe