पत्रकारों की एक एसोसिएशन के पदाधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार पिछले सप्ताह यहाँ आयोजित एक विशेष शिविर में 171 मीडियाकर्मियों का परीक्षण किया गया था। जिसमें कम से कम 53 पत्रकार कोरोना संक्रमित पाए गए।
एजाज खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें गालीबाज एजाज खान ने अर्नब गोस्वामी, रजत शर्मा और सुधीर चौधरी को कोरोना वायरस होने की दुआ माँगी है।
इससे पहले मुंबई के भाटिया अस्पताल में तीन मरीज कोरोना वायरस से पॉजिटिव मिले थे। इसके बाद इनके संपर्क में आए डॉक्टरों और नर्सों के कोरोना वायरस से पॉजिटिव पाए जाने के बाद से प्रशासन ने सभी कर्मचारियों की जाँच शुरू की दी थी।
वह विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ चुका है। बीजेपी और मोदी के खिलाफ जहर उगलता है। उसके पिता सीएम रिलीफ फंड में दान देते हैं तो राज्य के गृह मंत्री खुद ट्वीट करते हैं। ऐसे में इस बात का जवाब विनय दुबे ही बेहतर दे सकता है कि उसने राजनीतिक हसरत पूरा करने के लिए ये सब किया या फिर किसी के इशारे पर वह ऐसा कर रहा था।
खुद को सामाजिक कार्यकर्ता और उद्यमी बताने वाले विनय दुबे भाजपा के खिलाफ लगातार जहर उगलता रहा है। एनसीपी और मनसे के नेताओं से उसकी करीबी दिखाई पड़ती है।
ये सवाल उठता है कि तब पुलिस और प्रशासन क्या कर रहा था, जब ये भीड़ जुटनी शुरू हुई। क्या पुलिस देखती रही और भीड़ जुटती रही? क्या महाराष्ट्र सरकार ने न्यूज़ चैनल से सम्पर्क कर के बताया कि स्पेशल ट्रेनें नहीं चलेंगी?
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि महाराष्ट्र सरकार सबका ख्याल रख रही है और राज्य पूरे देश को कोरोना से लड़ने की नई दिशा दिखा रहा है। अमित शाह ने भी उद्धव ठाकरे से फोन पर बात करके स्थिति का जायजा लिया।
मजदूर घर जाने के लिए जमा हुए हैं तो इनके हाथों में थैले या बैग वगैरह क्यों नहीं हैं? भीड़ मस्जिद के पास ही क्यों जमा हुई और अल्लाह का नाम लेकर समझाने के पीछे क्या तुक है? महाराष्ट्र में 30 अप्रैल तक का लॉकडाउन पहले से ही घोषित था तो आज हंगामा क्यों हो रहा है?