कैलिफोर्निया के कमिश्नर अविंदर चावला ने कहा कि मोदी सरकार ने सिखों के कल्याण के लिए सराहनीय प्रयास किए हैं। खास तौर पर करतापुर कॉरिडोर खोले जाने को लेकर भारत सरकार के प्रयासों के लिए प्रवासी सिखों ने प्रसन्नता व्यक्त की और उनका शुक्रिया अदा किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (सितंबर 21, 2019) को ह्यूस्टन पहुँचे। वे आज यहाँ हाउडी मोदी कार्यक्रम में भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शिरकत करेंगे। माना जा रहा है कि इस कार्यक्रम में 50,000 लोग हिस्सा लेंगे।
पवार ने कहा कि इस साल के फ़रवरी में हुआ पुलवामा हमला कहीं गुप्त रूप से योजनाबद्ध तो नहीं था। उन्होंने कहा, “मैंने रक्षा में काम किया है। मैंने उस समय कुछ अधिकारियों से बात की और संदेह जताया कि हमला जानबूझकर किया गया था या इसके पीछे पाकिस्तान का हाथ था।”
सीमा से सटे बांग्लादेशी जिलों की गरीब महिलाओं को दलाल लालच देकर अपने जाल में फॉंसते हैं। उन्हें गैर कानूनी तरीके से सीमा पार कराकर लाया जाता है। फिर भी इन महिलाओं को कोलकाता, मुंबई, गोवा सहित देश के अन्य हिस्सों में कोठों पर बेच दिया जाता है।
"अमेरिका में हाउडी मोदी कार्यक्रम से पहले ये ऐलान किए गए हैं, यानी सट्टेबाजों को छूट देने की तैयारी है। आज़ादी के बाद हिन्दुस्तान सबसे बुरे दौर से गुज़र रहा है। हमारे पास संवेदनहीन सरकार और सकर्कस देखने के अलावा और कुछ उपलब्ध नहीं है।"
जो लोग ह्यूस्टन में मोदी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं, वे कश्मीर अलगाववादी हैं। वे खुलेआम भारत से कश्मीर की आज़ादी की गुहार लगा रहे हैं। और इस बार इनका साथ दे रहे हैं खालिस्तानी आंदोलन से जुड़े हुए सिख भी!
"जब मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा हो, सब पक्ष अपनी बात रख रहे हों, सुप्रीम कोर्ट लगातार समय निकालकर बातों को सुन रही हो, तब मैं हैरान हूँ ये बयान बहादुर कहाँ से आ गए। हमारा सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा होना चाहिए। बाबा साहब अम्बेडकर ने जो संविधान दिया है उस पर भरोसा होना चाहिए...."
"किसानों की सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के तहत मासिक पेंशन दिया जाएगा, जिसके लिए 18 से 40 उम्र तक के किसान खुद को इस स्कीम में पंजीकृत कर सकते हैं। इसके बाद 60 की उम्र पार करते ही उन्हें 3000 रुपए हर महीने मिलने लगेंगे।"
“हमें ऐसे बयानों की निंदा करने की जरूरत है। कश्मीर बंद नहीं है। वहाँ कर्फ्यू नहीं है। अगर कर्फ्यू होता तो लोगों को ‘कर्फ्यू पास’ के साथ बाहर निकलना होता।”
इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के पूर्व विधायक बलदेव कुमार ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों से त्रस्त होकर भारत में शरण माँगी है। वह इस वक्त अपने परिवार के साथ पंजाब में हैं और आगे भी वो भारत में ही रहना चाहते हैं।